जयपुर (शरद टाक) ममता के नाम पर कुमाता ने दाग लगाते हुए अंधेरी रात में अपनी जन्मजात जीवित कन्या को मारने की नियत से शौचालय में डाल दिया आखिर ये कुमाताएं कन्याओं की हत्याओं से कब बाज आयेगी। पर किसी ने सच ही कहा है कि मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है। इसी कडी में रात को शौचालय में फैंकी गई जन्मजात कन्या को जागरूक नागरिकों एवं डॉक्टरों की तत्परता ने कन्या को मरने से बचा ही लिया। भगवान के घर देर है अंधेर नहीं।
नागौर जिले के मेडता सिटी थाना क्षेत्र में विगत शुक्रवार देर रात्रि में एक और कुमाता ने अपने नवजात जिंदा बालिका को स्थानीय रावदूदा गढ के सामने बने शौचालय में फैं क कर शहर में एक फिर सनसनी फैला दी। ऐसी घटना पिछले करीब छःमाह पहले इसी शौचालय में घटित हुई जिसमें एक माता ने अपने जन्मजात बैटे को इसी शौचालय में फैं का था जिसकी मौके पर ही मौत हो गई बाद में पुलिस तफ्तीश एवं डी.एन.ए रिपोर्ट के बाद कथित कुमाता के विरूद्घ अदालत में चालान पेश किया गया। भगवान के बराबर दर्जा प्राप्त करने वाली माँ द्वारा इस शर्मसार कुकृत्य का उस समय पता चला जब राजकीय चिकित्सालय के वार्ड बॉय जयराम किसी कार्य से शौचालय के पास गुजरा तो उसे शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी तो उसने पास में चारभुजा चौक में स्थित रतन पान भण्डार तथा अन्य लोगों को शिशु के रोने के संबंध में बताया। तब कुछ लोग दोडकर कथित शौचालय में देखा तो एक बच्ची जिसका जन्म घटना से करीब 15 मिनट पूर्व ही हुआ था वे शौचालय की गन्दगी में जीवन मृत्यु के बीच में संघर्ष करती अपनी निर्दयी मां की गौद में सोते हुए मुस्कुराने के बजाय उसके कुकृत्य पर रोकर अपनी वेदना दुनिया को सुनाने लगी। लोगों ने तत्काल पास ही निवास कर रहे डॉ. अखिल गुप्ता को कथित घटना की सूचना दी । डॉ. गुप्ता ने तत्काल ही बच्चे केा शौचालय से उठाया और हॉस्पीटल में ले जाकर उसका उपचार आरंभ कर दिया। डॉ. गुप्ता ने तत्काल ही अपने साथी डॉक्टर रविन्द्र तंवर, डॉ. राजेन्द्र प्रजापति को भी बुलवा लिया । घटना की सूचना पाकर मेडता के वरिष्ठ पत्रकार पुखराज टाक, छोटूराम प्रजापति, राजीव पुरोहित, नवनीत सोनी, जगदम्बा प्रसाद शर्मा, सुखदेव गहलोत, मिश्रीलाल आदि हॉस्पीटल पहुंचे । घटना की सूचना मेडता पुलिस को दी गयी। पुलिस ने डॉ. तंवर की रिपोर्ट पर कार्यवाही करते हुए उपखण्ड अधिकारी के निर्देश पर कथित बालिका को उपचार हेतु जवाहर लाल नेहरू हॉस्पीटल में रैफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के कुछ समय पूर्व एक महिला को घूंघट निकाले हुए सिर पर सोने का बोर बांधे हुए लहंगा पहने हुए व ओना ओढे हुए खडी थी शायद यह कुकृत्य उसने किया होगा।
क्या कहते है अधिकारी -
घटना के संबंध में मेडता उपखण्ड अधिकारी सुनीता चौधरी ने हमारे प्रतिनिधि को बताया कि मुझे रात्री मे करीब एक बजे डॉ. रविन्द्र तंवर ने घटना की सूचना देते हुए बालिका को उपचार हेतु अजमेर भेजने की इजाजत चाहने पर मैने बालिका के जीवन को बचाने हेतु उसे तत्काल अजमेर के जवाहर नेहरू अस्पताल में भेजने के निर्देश दिये तथा घटना की जांच दोषी कुमाता को सामने लाने का प्रयास किये जायेंगे।
-सुनीता चौधरी, उपखण्ड अधिकारी
इनका कहना हैः-
सामाजिक चेतना के प्रयास तेज करने चाहिये ताकि ऐसे घृणित काम को अंजाम देने से पहले कोई मां इसके दुष्प्रभाव सोच सके।
- पुखराज टाक, जिलाध्यक्ष मीडिया प्रकोष्ठ भाजपा
चिकित्साकर्मियों से इस बारें में सख्त पूछताछ करनी चाहिये चिकित्सालय क्षेत्र के पास ही घटित होने वाली घटनाओं के तार इनसे भी जुडे हो सकते है।
- राजीव पुरोहित
दोषी मां बाप को सख्त से सख्त सजा ही जानी चाहिये क्योंकि ऐसी घटनाए मानवता को शर्मसार करती है।
- नवनीत सोनी पार्षद