डूंगरपुर 1 अगस्त/जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनिवास ने मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत गणेशपुर एवं हथाई के विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया और अध्यापकों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए।
अपने क्षेत्रीय भ्रमण दौरान उन्होंने सर्वप्रथम राजकीय आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय, गणेशपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षा सम्बल महाअभियान के तहत संपादित की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मगनलाल डबगर ने बताया कि विद्यालय को नवीन प्रवेश हेतु 13 का लक्ष्य आवंटित था, जिसके विरूद्घ 13 बच्चों को प्रवेश दिया गया एवं ड्राप आउट के 6 के लक्ष्य के विपरित 6 की उपलब्धि अर्जित की गई। कक्षा पहली से पंाचवी तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है किन्तु विद्यालय को अभी तक स्वास्थ्य परीक्षण पंजिका प्राप्त नहीं हुई है। इस पर उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को पंजिका उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत बच्चों को दिये जा रहे पोषाहार का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दौरान उन्होंने बच्चों को खिचडी (दाल व चावल) खिलाता देखकर खाना बनाने वाली प्रमिला जोशी से मीनू के अनुसार खाना नहीं बनाये जाने के संबंध में पूछा तो उसने स्वास्थ्य ठीक नहीं होने से खिचडी बनाया जाना बताया। इस पर उन्होंने प्रभारी को निर्देशित किया कि मीनू के अनुसार पोषाहार का वितरण करे एवं गुणवत्ता का पूर्ण ख्याल रखे। उन्होंने मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम से संबंधित अभिलेखों को भी व्यवस्थित संधारित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने कक्षाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने कक्षा आठवी के गणित के कालांश में साझा, समय का अध्याय में से एक सवाल कक्षा में उपस्थित विद्यार्थियों से हल करवाया, पूरी कक्षा में से तीन विद्यार्थियों ने इसे हल किया ।
इसके बाद उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गंगनाला हथाई का निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान उपस्थित शिक्षिका प्रीति सक्सेना ने बताया कि विद्यालय में 56 विद्यार्थियों का नामांकन है जिसमें से 36 विद्यार्थी उपस्थित है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने यहां शिक्षिका द्वारा किए जा रहे अध्यापन का भी अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के अर्जित ज्ञान के बारे में जानकारी ली और संतोष व्यक्त किया।
इस दौरान उन्होंने मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत विद्यालय में संधारित अभिलेख एवं स्टोर में रखी सामग्री का निरीक्षण करने पर पाया कि स्टॉक पंजिका में चावल 74.5॰॰ किलोग्राम शेष बताये गये किन्तु स्टोर में चावल नहीं थे, इसी प्रकार गेह स्टॉक पंजिका में 317.4॰॰ किलोग्राम दर्शाये गए जबकि स्टोर में लगभग 225 किलोग्राम (साढे चार कट्टे-5॰ किलोग्राम का एक) पाये गये। इस दौरान सीईओ ने पोषाहार प्रभारी गोविन्द वर्मा की अनुपस्थिति पर रोष जताया। शिक्षिका प्रीति ने बताया कि पोषाहार के प्रभारी प्रधानाध्यापक गोविन्द वर्मा है, जो अभिलेख संधारण संबंधी कार्य करते है। उन्होंने बच्चों से पोषाहार की गुणवत्ता एवं फल वितरण के सम्बन्ध में जानकारी लेकर पुष्टि भी की। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने शिक्षिका प्रीति को निर्देशित किया कि वे प्रधानाध्यापक को अवगत करावे एवं इसकी रिपोर्ट भिजवावे।