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गत साढे तीन वर्षो में सात लाख को रोजगार
1 Aug 2007

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जयपुर,  १ अगस्त। प्रदेश में गत साढे तीन वर्षों में राज्य सरकार के प्रयासों से राजकीय एवं अन्य क्षेत्रों में सात लाख से अधिक व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। राजस्थान आजीविका मिशन के तहत वित्तीय वर्ष २००७-०८ में दक्षता उन्नयन के लिये एक लाख युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु २० करोड रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी शीघ्र ही रोजगार कार्यालयों की सुविधा सुलभ करायी जायेगी।
सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड ने शासन सचिवालय में राजस्थान आजीविका मिशन की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष दक्षता प्रशिक्षण प्रदान कर २० हजार युवाओं को रोजगार दिया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने मंगलवार को राजस्थान आजीविका मिशन के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की एवं मिशन के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं के लिये रोजगार सृजित करने पर बल दिया। इस समीक्षा बैठक में मिशन के उपाध्यक्ष श्री एम.एल. मेहता ने विभिन्न गतिविधियों पर प्रस्तुतिकरण दिया।
आजीविका मिशन के माध्यम से गत वर्ष दक्षता प्रशिक्षण प्रदान कर १० हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। प्रशिक्षित युवाओं में से ४० प्रतिशत युवाओं ने स्वरोजगार उपक्रम स्थापित किये हैं। करीब १७० संस्थाओं द्वारा दिये जा रहे इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से मुख्यतः समाज का कमजोर तबका लाभान्वित हो रहा है। मिशन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार संभावनाओं पर आधारित ८० से अधिक पाठ्यक्रम तैयार किये है और इन पाठ्यक्रमों की मान्यता के लिये वर्धमान खुला विश्वविद्यालय से एम.ओ.यू. किया गया है। मिशन ने विभिन्न क्षेत्रों में आजीविका की संभावनाओं को तलाशने के लिये २५ अध्ययन करवायें हैं।
श्री राठौड ने बताया कि आजीविक मिशन ने विशेषज्ञों की राय पर प्रदेश में कृषि पर आधारित आजीविका को ध्यान में रखते हुये खाद्य, उद्यानिकी, जल संरक्षण, सिंचाई पद्धति एवं कृषि उत्पादकता वद्धि पर विशेष बल दिया है। पशुधन की नस्ल सुधार, स्वास्थ्य एवं उन्नत चारा प्रबंधन को भी महत्व दिया जा रहा है। कृषि क्षेत्र पर आजीविका निर्भरता को कम करने के लिये हस्तशिल्प, हाथकरघा, खनन, संचार, निर्माण, परिवहन, पर्यटन आदि क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में एनिमेशन एकेडमी स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।
सीधी भर्ती द्वारा ५६ हजार ३४३ नियुक्तियां
श्री राठौड ने बताया कि गत साढे तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सीधी भर्ती के माध्यम से ५६ जार ३४३ नियुक्तियां की गयी है। मृत आश्रितों को अनुकम्पात्मक नियुक्तियों के तहत ५ हजार ३२१ नियुक्तियों के साथ ही ८ हजार ७८ अस्थाई या संविदा नियुक्तियां की गयी है। परियोजना समाप्ति पर ११ हजार ६३१ कार्मिकों का समायोजन किया गया एवं ६ लाख १४ हजार ५६७ नियुक्तियां विभिन्न संस्थाओं के द्वारा की गयी है। महिला एवं बाल विकास विभाग में ३२ हजार सहयोगिनी, ७ हजार ८४० साथिन, ४२ हजार ६३४ आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं ४१ हजार ५६५ सहायिका के पद पर रोजगार दिया गया है। उद्योग विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत ३ लाख ८० हजार, श्रम एवं नियोजन विभाग के माध्यम से ५३ हजार १४७ एवं खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा २२ हजार ६४२ व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। निजी महाविद्यालयों में १९ हजार ३२५ नियुक्तियों के अतिरिक्त १५ हजार ५०० मत्स्यपालकों भी रोजगार सुलभ कराया गया है।




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साढे
तीन
वर्षो
सात
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रोजगार


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