बीकानेर, ०१ सितम्बर। जिला साक्षरता समिति, बीकानेर के तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता सप्ताह के प्रथम दिन शनिवार को पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता व सप्ताह का उद्घाटन केन्द्रीय विद्यालय नं. एक में अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन राजेन्द्र मिश्रा ने किया। मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से जहां निरक्षरता उन्मूलन के कार्यों को बल मिलता है वहीं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभाएं प्रस्तुत करने का भी अवसर मिलता है। साक्षरता एवं विकास एक दूसरे के पूरक है और विकास की संकल्पना से पहले शिक्षित एवं साक्षर राष्ट्र का निर्माण करना होगा।
केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य के.एस. रस्तोगी ने कहा कि हमारे देश के विद्यार्थियों को अधिकाधिक अवसर प्रदान करने से देश आगे बढेगा। जिला साक्षरता समिति के सदस्य सचिव राधेश्याम शर्मा व सहायक परियोजना अधिकारी राजेन्द्र जोशी ने साक्षरता सप्ताह का महत्व बताया। प्रतियोगिता में जिले की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं व प्रेरकों के ८१ संभागियों ने हिस्सा लिया।
वरिष्ठ वर्ग में केन्द्रीय विद्यालय नं. एक की छात्रा सुश्री अंकिता श्रीवास्तव ने प्रथम, कृतिका सांखला ने द्वितीय व बारह गुवाड. स्कूल की छात्रा पल्लवी सिंह यादव ने तीसरा स्थान पाया। महारानी स्कूल की सुश्री नेहा चौहान व सतत शिक्षा केन्द्र हियांदेसर के प्रेरक देवी सिंह को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। कनिष्ठ वर्ग में केन्द्रीय विद्यालय नं. २ की छात्रा सुश्री साधना सिंह ने प्रथम, केन्द्रीय विद्यालय नं. एक की भावना कुमावत ने द्वितीय व राष्ट्रीय सहायक विद्यालय के विपुल बसंल ने तीसरा स्थान पाया। महिला मंडल स्कूल की सुश्री नयनप्रीत कौर एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना कॉलोनी की स्कूल के सुरेश को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। सभी को ८ सितम्बर को पुरस्कृत किया जाएगा ।
सप्ताह के प्रथम दिन शनिवार को महारानी स्कूल में आश ुभाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में स्वयं सेवकों व नव साक्षरों ने हिस्सा लिया। स्वयं सेवक सुश्री मीनाक्षी खत्री प्रथम, कुमारी चित्रा शेखावत द्वितीय व सुश्री कुमकुम भाटी तृतीय रही। नव साक्षर श्रीमती सरस्वती देवी को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। पोस्टर प्रतियोगिता के निर्णायक मुरली मनोहर के.माथुर, स्कूल की प्राचार्य श्रीमती आशा तिवाडी, रजनी छाबडा व इन्द्रा सकसेना ने भी विचार रखें। भाषण प्रतियोगिता की निर्णायक सुश्री त्रिलोचन कौर व श्रीमती योगिता व्यास थी।