निजीकरण को सहन नहीं करेगें: पुरोहित
1 Oct
2009

बीकानेर, नोर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाईज युनियन का सांतवा वार्षिक अधिवेशन १३ अक्टुबर को बीकानेर में आयोजित किया जा रहा है। उतर रेलवे के गठन के बाद पहला अधिवेशन भी बीकानेर में हुआ था। देशभर में मात्र आठ प्रतिशत श्रमिक संगठित है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक को वर्ष भर का रोजगार उतम कार्यदशाएं, प्रसूति सहित अन्य अवकाश, बीमा एवं चिकित्सा सुविधाएं सामाजिक सुरक्षा आदि उपलब्ध नहीं है। आज पूरे विश्व में मंदी विकराल रूप धारण कर चुकी है। जिसके कारण देशभर में निजी क्षेत्र में लाखों नौकरियां कमी आई है। गुरूवार को पत्रकारों से वार्ता में आंल इंडया रेलवे मैन्स फैडरेशन के अध्यक्ष कॉमरेड उमराव मल पुरोहित ने बताया कि अपनी स्थापना के हीरक जयंति वर्ष में हिंद महदूर सभा ने हाल ही में ईग्यारह व तेरह सितम्बर को नई दिल्ली में सम्पन्न ऐतिहासिक सम्मेलन में एक घोषणा जारी कि जिसमें केन्द्र में पुनः गठित युपीए सरकार से उपेक्षा की गई है। सरकार आर्थिक मंदी गरीबी, बेरोजगारी, स्तरहीन संरचना पर्यावरणीय समस्याएं तथा आतंकवाद से निपटनें के लिए कारगर उपाय करेगी, रेल कामगारों सहित तमाम केन्द्रीय कर्मचारीयों का जिक्र करते हुए पुरोहित ने कहा कि छठे वेतन की सिफारिशों में यथा संभव आवश्यक सुधार करवाकर उन्हें अच्छा आर्थिक लाभ दिया जायेगा। क्योकि अभी छठे वेतन आयोग में काफी कमियां है। फैडरेशन के महामंत्री कॉमरेड शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि छठें वेतन आयोग की विसंगतियों का शीघ्र निराकरण करने का प्रकरण हमने उठाया हैं जिसमें लोको पायलेट, आर्टिजन स्टॉफ, तकनीकी पर्यवेक्षक एवं अन्य पर्यवेक्षक, टीटीई, चार हजान पांच सौ व सात हजार रूपए वेतनमान एवं पांच हजार व आठ हजार वेतनमान की खाई को कम करना, रनिंग स्टॉफ की नॉन फंक्शनल ग्रेड, बकाया कोटियों को अन्य के समान ग्रेड वेतन चार हजार छह सौ रूपए देने आदि के प्रकरण शामिल है। मिश्रा ने बताया कि राजनेताओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रति वर्ष ढेरों नई गाडयां चलाई जा रही है, संरक्ष का ढढोरा पीटा जा रहा है लेकिन नए पदों की सृजन की ओर रेलवे बोर्ड कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। पुरोहित ने बताया कि २८ अक्टुबर को देश भर में विभिन्न शहरों एवं यूनिटों पर तमाम केन्द्रीय संगठन एकजुट होकर सरकार की आर्थिक एवं श्रमिक विरोधी नीति, बेरोजगारी, मंहगाई आदि प्रमुख मुद्दों को लेकर विरोध प्रकट करेग।
|