एशियाई फिल्म समारोह मुंबई में
1 Nov
2007
2 नवंबर से मुंबई में शुरू हो रहे छठे एशियाई फिल्म महोत्सव थर्ड आई में इस बार चीन के सिनेमा पर केंद्रित रहेगा।
2 नवंबर से मुंबई में शुरू हो रहे छठे एशियाई फिल्म महोत्सव थर्ड आई में इस बार चीन के सिनेमा पर केंद्रित रहेगा। एशियाई देशों के बीच सिनेमा के आपसी आदान-प्रदान के उद्देश्य से आयोजित इस फिल्मोत्सव का शुबारंभ 2 नवंबर की शाम दादर स्थित प्लाजा थिएटर में होगा।
इस फिल्मोत्सव में फोकस खंड के तहत मुंबई के सिनेमाप्रेमियों को चीन की कुछ खूबसूरत फिल्मों को देखने का मौका मिलेगा। सेल फोन, लव स्टोरी बाइ टी, फेयरवेल टू डेथ, द साइलेंट होली स्टोन, फॉर देअर टू बी लव जैसी फिल्मों के माध्यम से चीन के वर्तमान समाज, सम सामयिक समस्याओं तथा युवाओं की मनःस्थिति को समझा जा सकता है। चीनी सिनेमा ने ऑस्कर अवार्ड्स जीत कर हॉलीवुड में अपनी धाक जमाई है। अब यह विश्व पटल पर और मजबूती के साथ उभर रहा है। दुनिया के सिनेमाई नक्शे पर अपनी अलग पहचान बनाने में एशियाई फिल्मों को भले आधी सदी का समय लग गया हो लेकिन दिल की गहराइयों में उतर जाने वाली संवेदना, मजबूत कथानक और हैरतअंगेज तकनीक के बल पर इन्होंने हॉलीवुड को भी अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। जापान के अकीरा कुरोसावा और भारत के सत्यजित रे ने एशिया में सार्थक सिनेमा का जो बीज बोया था, वह आज वटवृक्ष बन गया है।
थर्ड आई के आयोजक तथा एशियन फिल्म फाउंडेशन के अध्यक्ष किरण शांताराम का कहना है कि एशियन मास्टर्स ऑफ सिनेमा खंड के अंतर्गत इस बार अकीरा कुरोसावा के फिल्में दिखाई जाएंगी। इनमें रशोमोन, सेवेन समुराई, थ्रोन ऑफ ब्लड, हाई एंड लो, रेड बियर्ड, द लोअर डेप्थ्स जैसी फिल्में शामिल है।
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