डूंगरपुर २ जुलाई/ ठीक माह भर पहले खुद बेसहारा अर्चना और उसका पालन-पोषण कर रही दोनों बहिनों को लग रहा था कि अर्चना के हाथ पीले करना संभव नहीं होगा परंतु शक्ति सेवा संस्थान की पहल तथा जिला कलेक्टर नीरज के.पवन की सहृदयता दिखाने के बाद अब अर्चना के घर पर धूमधाम से शादी की तैयारियां हो रही है और प्रशासन और भामाशाहों के समन्वित सहयोग से अर्चना मंगलवार को धूमधाम से परिणय बंधन में बंधकर ससुराल विदा होगी।
प्रकरणानुसार गत १९ जून को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला महिला सहायता समिति की बैठक में शक्ति सेवा संस्थान की अध्यक्ष चंद्रकांता सुथार ने जिला कलेक्टर नीरज के.पवन के समक्ष सुथारवाडा निवासी बेसहारा अर्चना सुथार की शादी में आ रही बाधाओं के बारे मे ंबताया और सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने बताया था कि अर्चना के माता-पिता नहीं है और एकमात्र भाई का भी कुछ माह पूर्व निधन हो गया है। फिलहाल अर्चना दो बहिनों के साथ पल रही है और अब अभिभावकों को शादी की चिंता सता रही है। कलेक्टर ने इस पर कहा कि महिला सहायता समिति इसी प्रकार की महिलाओं, बेटियों की सहायता के लिए बनी हुई है। उन्होंने चंद्रकांता सुथार को आश्वस्त करते हुए दृढता से कहा कि ’अर्चना की शादी अवश्य होगी....आप तो बस शादी की तैयारी करवाये....प्रशासन भामाशाहों के सहयोग से हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। कलेक्टर ने बैठक में ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक केके शुक्ला को विभागीय सहयोग देने के निर्देश दिए थे। इस पर उन्होंने विभाग की ओर से दस हजार रूपये आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक उषा राव ने भी कलेक्टर के निर्देशों पर अर्चना की शादी के लिए हरसंभव सहयोग को आश्वस्त किया था।
प्रशासन द्वारा अर्चना की शादी के लिए सहृदयता दिखाने पर संस्थान की चंद्रकांता सुथार ने कई दिनों तक दौडधूप की और भामाशाहों से संफ कर सहयोग का आग्रह किया। प्रशासन और भामाशाहों के सहयोग से अर्चना के घर पर सोमवार से शहनाईयां बजने लगी है और समाजजन व भामाशाह मंगलवार को धूमधाम से शादी के बाद ससुराल विदा होने की राह देख रहे हैं। अर्चना मंगलवार को गढी (हिम्मतनगर) निवासी कौशिक के साथ परिणय सूत्र में बंधेगी। खुद अर्चना और उसकी दोनों बहिनें भी खुश नजर आ रही है क्योंकि न केवल प्रशासन अपितु समाजजन और शहरवासियों ने भी सहृदयता दिखाते हुए शादी के लिए मुक्त हस्त से सहयोग किया है।
पहल करते हुए खुद कलेक्टर पवन ने अर्चना को अपनी ओर से बेड व अन्य फर्नीचर प्रदान किया तो महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से दो हजार पांच सौ रूपयों की नकद सहायता प्रदान की गई है। दूसरी ओर कलेक्टर के आह्वान पर भामाशाह भी तैयार हुए है और अर्चना की शादी के लिए नगरपालिका अध्यक्ष शंकरसिंह सोलंकी ने लोहे की अलमारी, कन्हैयालाल गांधी मेमोरियल फाउण्डेशन के लोकेश गांधी और पद्मेश गांधी ने टी टेबल और चार कुर्सियां, कुणाल स्टूडियो के जयेश पंवार ने शादी की निःशुल्क फोटोग्राफी, जमनालाल ग्रुप के सन्मति गारमेन्ट्स ने डबल बेड कंबल, स्वास्तिक ज्वैलर्स के प्रवीण श्रीमाल ने चांदी के पायजब, पंवार क्लाथ सेन्टर के नानूलाल पंवार ने बेड शीट्स व कपडे, हॉटल अतिथि पेलेस के मदनसिंह ने नकद एक हजार रूपये का सहयोग प्रदान किया है वहीं उप जिला प्रमुख प्रेमकुमार पाटीदार, प्रकाश पंचाल आदि ने अपनी तरफ से सहयोग की घोषणा की है। इसके अलावा सुथार समाज डूंगरपुर द्वारा अर्चना की शादी के लिए शादी का पूरा जोडा, खाद्यान्न सामग्री और अन्य घरेलु आवश्यकता की वस्तुएं प्रदान की है और धूमधाम से शादी करवाने की प्रतिबद्धता जाहिर की है।