बीकानेर, नकली नोट की समस्या से परेशान ग्राहकों व आमजन को अब ज्यादा परेशान होने को जरूरत नहीं है क्योकि अब इस समस्यां से निजात दिलाने के लिये केन्द्र सरकार व निजात दिलाने के लिये केन्द्र सरकार व रिजर्व बैंक ने पॉलीमार नोट को भारतीय अर्थ व्यवस्था में शामिल करने का निर्णय लिया। जिसकी शुरूआत दस रूपये के नोट से होगी। इस नोट के प्रवचन से न सिर्फ नोटों का जीवन बढ जायेगा। बल्कि नकली नोटों के चलन पर भी शिकंजा कसेगा। इस योजना को इसी तिमाही अंतिम रूप देने की तैयारी की जा रही है। केन्द्र सरकार की मंजूरी के बाद दिसम्बर तक ये नोट बाजार में उपलब्ध होने की संभावना है। नोटों के लिये पॉलीमार की आपूर्ति आस्ट्रेलियां से की जायेगी। नोटों की छपाई नासिक देवास तथा आरबीआई की दो प्रेसों में होगी। वर्तमान में कागज की करेन्सी इन्ही प्रेसों में छापी जा रही है। बताया जाता है कि इन्हें छापने की शुरूआत छोटे मुल्य के नोटों से की जायेगी। हांलाकी कागज के नोटों की तुलना में पॉलीमार के नोटों की छपाई मंहगी जरूर होगी। लेकिन नोटों की उम्र ज्यादा हो जायेगी। इतना ही नहीं कटे-फटे नोटों को बदलने और इसके निस्तारण की समस्यां से भी निजात मिलेगी। आरबीआई द्वारा कागज के नोटों में डाले जा रहे गुप्त चिन्ह, स्याही, और कागज की नकल होने के बाद समय-समय पर इन्हें बदलने के निर्देश है।