KhbarExpresswww.khabarexpress.com

Job Seeker from Rajasthan,Jaipur,Jodhpur,Ajmer,Bikaner,Mumbai,Delhi,

Welcome Guest Sign In New user! Sign Up Now

UniqueIdea.net Softwares SMS Jokes Poems Story Time Pass Facts

Search Photo  
RSS Tuesday, February 14, 2012


शोभिका शर्मा प्रकरण में पोस्टमार्टम करने वाला मेडिकल बोर्ड आया कटघरे में
3 Jan 2008

मृतका के परिजनों ने लगाये गंभीर आरोप, बोर्ड ने छोडी ढेरों तकनीकि खामियां, पोस्टमार्टम के मानदण्डों को रखा ताक पर


Add comment          Mail          Print          Write to Editor


Educational Short Stories in Hindi

 बांसवाडा के भटनागर नर्सिंग होम में डिलीवरी के दौरान प्रसूता श्रीमती शोभिका शर्मा की दर्दनाक मृत्यु के मामले में मृतका के परिजनों ने पोस्टमार्टम करने वाले मेडीकल बोर्ड को कटघरे में खडा करते हुए चिकित्सकीय तकनीक के आधार पर कई खामियों को उजागर किया है। इसमें कई ऐसे तकनीकि प्रश्नों को उठाया गया है जिनसे मेडीकल बोर्ड की संदिग्ध भूमिका सामने आयी ह।
 मृतका के परिजनों ने इस प्रकरण में जिला प्रशासन की ओर से गठित प्रशासनिक जांच कमेटी के अध्यक्ष, बांसवाडा के अतिरिक्त  जिला मजिस्ट्रेट एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर अबरार अहमद को बुधवार को विस्तृत ज्ञापन दिया। इसकी प्रतियां मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री, प्रमुख शासन सचिव(चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग), संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला कलक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, भारतीय एवं राज्य मेडिकल कॉन्सिल आदि को भी भिजवायी गई हैं।
 ज्ञापन में पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड की चिकित्सकीय खामियों और उन महत्वपूर्ण पक्षों को बिन्दुवार उठाया गया है जिनमें मेडिकल बोर्ड द्वारा की गई गंभीर गडबडियों का पूरा खाका खींचा गया है। ज्ञापन में १३ महत्वपूर्ण बिन्दुओं की ओर प्रशासनिक जांच कमेटी का ध्यान आकर्षित किया गया है।
 इन सभी बिन्दुओं से स्पष्ट होता है कि मृतका शोभिका शर्मा का पोस्टमार्टम करने वाले तीन सदस्यीय डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने अपराधी डॉक्टर को पूरी तरह बचा लेने के लिए जानबूझकर खामियां छोड दी। यही नहीं, पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम के लिए सामान्य और नितान्त जरूरी पहलुओंं तक का पालन नहीं किया।  राजकीय महात्मा गांधी अस्प्ताल के तीन डॉक्टरों (मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. एस.के. भटनागर, गायनिक विशेषज्ञ डॉ. जयश्री हूमड तथा डॉ. एम.एल. जैन) का मेडिकल बोर्ड यह निष्कर्ष तक नहीं दे सका कि मृत्यु कैसे हुई? जबकि हर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट इंगित करना जरूरी होता है।
 यह निष्कर्ष प्रमुख रूप से तीन कारणों से दर्शाया जाता है। इसमें शॉक से मृत्यु, पेशेंट का कोमा में जाना अथवा एस्फेक्सिया को बताया जाता है। लेकिन शोभिका शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में न तो इन तीनों में से कोई कारण बताया गया है, न कोई अन्य कारण।
 पूरी तरह अस्पष्ट और गोलमाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिखा गया है कि मृतका की आर्टरी का डायलेशन हुआ और वेन्ट्रीकल की बलूनिंग हुईं। परिजनों ने प्रश्न उठाया है कि अगर ऐसा था तो हार्ट का सेंपल संरक्षित करके पैथोलोजी के लिए क्यों नहीं भेजा गया? इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहीं भी यह नहीं दर्शाया गया है कि हार्ट चैम्बर्स में ब्लड था या नहीं।  जबकि आम आदमी तक जानता है कि हार्ट को चलाने में खून ही प्रमुख कारक है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ब्लड के होने या न होने की स्थिति तक अंकित नहीं है। ब्लड के न होने की स्थिति में यह स्पष्ट होता कि शोभिका की मृत्यु अत्यधिक खून बह जाने से हुई है। पोस्टमार्टम बोर्ड ने इस महत्वपूर्ण बिन्दु को पूरी तरह  छोड दिया है।
 पोस्टमार्टम टीम ने स्कल, ब्रेन, वर्टीब्रा, ब्लेडर, फेलोपियन ट्यब, ओवरी, यूरिनरी ब्लेडर आदि के बारे में भी कुछ नहीं लिखा है।
 मृतका के यूट्रस के बारे में पोस्टमार्टम टीम ने लिखा है - ’’ यूटरस शोज सबटोटल हिस्ट्रोक्टॉमी। लेकिन कटे हुए यूट्रस का बचा हुआ पार्ट विसरा या फोरेन्सिक जांच के लिए भेजा तक नहीं गया।
 उल्लेखनीय होगा कि बांसवाडा में कुछ ही दिन पूर्व हाई डोज एनेस्थेसिया की वजह से एक बालक की मौत हो गई थी। बांसवाडा में ही हुई इस प्रकार की घटना के इस तथ्य को जानते हुए भी इस मामले में पोस्टमार्टम टीम ने मृतका के उन टिश्यूज को क्लीनिकल जांच  के लिए नहीं भेजा, जिस अंग पर ’लोकल एनेस्थेसिया‘ दने की बात भटनागर नर्सिंग होम की अपराधी डॉक्टर ने स्वीकारी है। पोस्टमार्टम बोर्ड इस तथ्य को भी पूरी तरह दबा गया। पोस्टमार्टम टीम की इससे बडी गफलत और क्या होगी कि उसने ब्लड के सेम्पल तक जांच के लिए नहीं लिए जबकि यह पोस्टमार्टम की सामान्य प्रक्रिया का अहम् हिस्सा है।
 परिजनों ने आरोप लगाया कि मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम करने में जानबूझकर गडबडियां की हैं और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाकर अपराधी डॉक्टर को बचाने का षडयंत्र किया है तथा अपने पेशे के साथ धोखाधडी करने के साथ ही ऐसे गंभीर मामले में समूची व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया को गुमराह करने का प्रयास किया है।
 परिजनों ने प्रशासनिक जांच समिति के अध्यक्ष से इन सभी बिन्दुओं पर मेडिकल बोर्ड से स्पष्टीकरण लिये जाने की मांग करते हुए आग्रह किया है कि इन तमाम बिन्दुओं को भी प्रशासनिक समिति की जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए ताकि इस मामले में असलियत से बांसवाडा की जनता रूबरू हो सके।




Discuss this story on KhabarExpress Forum  


Pelagian Dictionary

शर्मा
प्रकरण
पोस्टमार्टम
करने
वाला
मेडिकल
बोर्ड
आया
कटघरे
में


Comments to this News

Be the first to comment on this News


 
Post Your Comments to this News
 Posting Rules
 
  Name: Email:
 

Top Story of The Day
Latest Articles

Jain Calendar Launched at Terapanth Bhawan, Gangasahar



Katrina Cafe


Education Special

All right reserved by Khabarexpress.com
Contact Us | Archives | Sitemap | Can't see Hindi ? | News Ticker
Special Edition: Lakshchandi Mahayagya, Camel Festival 2007, Vartmaan Sahitya, Nagar Ek - Nazaare Anek, Bikaner Udyog Craft Mela
Our Network rajb2b.com | khabarexpress.com | uniqueidea.net | PelagianDictionary.com | hindinotes.com
Developed & Designed by Pelagian Softwares