जयुपर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सोमवार को यहां मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश की आठ बडी पंचायत समितियों के पुनर्गठन, नर्सिंग भर्ती एवं नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण और कृषि उपज मण्डी समितियों में निर्वाचित सदस्यों एवं अध्यक्ष के पदों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में प्रदेश में पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। ढाई लाख से ज्यादा आबादी एवं 60 पंचायतों से ज्यादा वाली आठ पंचायत समितियों के प्रशासनिक दृष्टि से पुनगर्ठन का निर्णय लिया गया। इन पंचायत समितियों के पुनर्गठन के बाद प्रदेश में 9 नई पंचायत समितियां बनेंगी। नई बनने वाली पंचायत समितियों में न्यूनतम 30 पंचायतें शामिल की जाएंगी। बैठक में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत नर्सेज द्वितीय, तृतीय और ग्रामीण नर्सेज की भर्ती में 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके साथ ही नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थानों में भी महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी। बैठक में राजस्थान कृषि उपज मण्डी अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूर करते हुए निर्वाचित सदस्यों एवं अध्यक्ष के पदों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने का फैसला लिया गया। कृषि उपज मण्डी समिति के प्रांगण में भूमि अवाप्ति के लिए नगरीय विकास एवं आवासन विभाग की तरह 20 प्रतिशत भूमि आवासीय एवं 5 प्रतिशत भूमि व्यवसायिक प्रयोजन के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि व्यवसायिक प्रयोजन के लिए आरक्षित भूमि का उपयोग कृषि आधारित कार्यों के लिए ही हो। बैठक में अदालतों में रीकाँसिलिएशन और राजीनामे से सिविल मामलों में फैसला होने पर कोर्ट फीस को वापस करने के लिए भारत सरकार के एक्ट की तर्ज पर कोर्ट फीस एण्ड सूट वेल्यूएशन एक्ट 1961 में संशोधन का निर्णय लिया गया। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बरकत उल्लाह खान की धर्मपत्नी और बहिन को मिलने वाली पेंशन को ढाई हजार से बढाकर 10 हजार करने का निर्णय भी लिया गया। साथ ही राजकीय दंत महाविद्यालय के प्राचार्य के लिए विशेष भत्ते को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।