बीकानेर मे मना गणेशोत्सव धुमधाम से
3 Sep
2009
गणेश चतुर्थी के साथ ही शुरू दस दिवसीय गणेशोत्सव गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही सम्पूर्ण हुआ

बीकानेर, गणेश चतुर्थी के साथ ही शुरू हुआ दस दिवसीय गणेशोत्सव आज गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही सम्पूर्ण हो गया। महाराष्ट्र के शहरों की तरह पिछले कई वर्षो से बीकानेर में भी गणेशोत्सव भक्ति भाव से भरे जोश और उल्लास के साथ मनाया गया। गणेश चतुर्थी के अवसर पर शुरू होने वाले इस गणेशोत्सव दस दिनों के कार्यक्रमों में गणेश भक्तों ने हर दिन विशेष श्रृंगार, छप्पन भोग, पूजा अर्चना और उल्लास पूर्ण डॉडियां के साथ मनाया। गणेश भक्तों ने इन कार्यक्रमों मे बीकानेर की खुशहाली, विकास और भाईचारा बनाये रखने की कामनाये की वहीं पूरे देश और दूनिया मे अकाल जैसे भयावह संकटो से दूर करने के साथ शान्ति की मन्नतें मांगी।
गणेशोत्सव के आज अन्तिम दिन शहर के कई मोहल्लों में जहां पर भी भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गई थी वहां से गणेश प्रतिमाएं शोभायात्रा के साथ विसर्जन के लिए रवाना हुई। जिस मोहल्लें मे भी गणेशोत्सव मनाया गया वहां के निवासियों ने भक्ति भजनों के साथ नाचते-गाते हुए विसर्जन यात्रा में हिस्सा लिया। विभिन्न इलाकों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अलग-अलग तालाबों पर किया गया। जोशीवाडा मोहल्ला के गणमान्य लोगो ने भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा अर्चना कर आरती की तथा सांयकाल मे गणेश भवन से शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गो से होती हुई हर्षोल्लाव तालाब पर पहुंची। रत्ताणी व्यासों के चौक में मूर्ति विसर्जन से पहले तीन यजमानों के द्वारा यज्ञ किया गया। इस मूर्ति की शोभायात्रा के दौरान विभिन्न मोहल्लों से गुलाल उडातें हुए नत्थुसर गेट स्थित गोकुल सर्किल पहुंचे। जहां से श्रद्वालु बसों द्वारा कोलायत के लिए रवाना हुए। सदाफते मे मनाये गये गणेश महोत्सव मे पेन्टर मनोज व्यास ने विधि विधान से सपत्नि पूजा अर्चना करके विसर्जन शोभायात्रा निकाली। यह यात्रा शहर के अन्दरूनी मार्गो से होते हुए प्राचीन हर्षोल्लाव तालाब पर पहुंची जहां पर इस गजानन्द की मूर्ती का विसर्जन किया।
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