स्थाई परिसम्पत्तियों के निर्माण के लिये नवीन तकनीक अपनायें
3 Dec
2007
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री श्री कालूलाल गुर्जर ने कहा है कि गॉवों में स्थाई परिसम्पत्तियों के निर्माण के लिये नवीन तकनीक, गुणवत्ता एवं वित्तीय प्रबन्धन को ध्यान में रखते हुए स्थाई निर्माण कराये जाने चाहिये ताकि उनका दीर्ध अवधि तक उपयोग सम्भव हो सके।
जयपुर, ३ दिसम्बर। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री श्री कालूलाल गुर्जर ने कहा है कि गॉवों में स्थाई परिसम्पत्तियों के निर्माण के लिये नवीन तकनीक, गुणवत्ता एवं वित्तीय प्रबन्धन को ध्यान में रखते हुए स्थाई निर्माण कराये जाने चाहिये ताकि उनका दीर्ध अवधि तक उपयोग सम्भव हो सके।
श्री गुर्जर आज यहां हरिशचन्द्र माथुर राज्य लोक प्रशासन संस्थान सभागार में राजस्थान स्टेट रील ऐस्टेट डवलपमेन्ट कौंसिल आकृति सेन्टर ऑफ रील ऐस्टेट स्टडीज, इन्फ्रास्ट्रक्टर डवलपमेन्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना में कार्यरत अभियंताओं को प्रशिक्षत करने के उद्देश्य से आयोजित “कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट, क्वालिटी कन्ट्रोल एण्ड फाईनेन्स मैनेजमेन्ट” विषयक चार दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में रोजगार गारंटी कार्यक्रम से जुडे सम्बन्धित अभियंता भाग ले रहे हैं।
ग्रामीण विकास मंत्री ने राज्य में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम की उपलब्धियों पर प्रशंसा करते हुए अभियंताओं से कहा कि आगामी एक अप्रेल, २००८ से प्रदेश के सभी जिलों में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना लागू की जा रही है। उन्होंने अभियन्ताओं से कहा कि इस योजना को अन्य जिलों में लागू करते समय विकास कार्यों की गुणवत्ता बढाने के लिये नवीन तकनीक अपनाये, जिससे निश्चित समय में एवं कम लागत में कार्य पूर्ण हो सके।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री रामलुभाया ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रें में विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्वक सम्पन्न कराने हेतु यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सार्थक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा की राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत स्थायी परिसम्पत्तियों के सही व समय पर निर्माण राज्य के ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन परिसम्पत्तियों का समय पर व गुणवत्तापूर्वक निर्माण कराने हेतु अभियंताओं के लिये इस विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है।
कार्यशाला में राजरेडको के उपाध्यक्ष श्री अशोक पाटनी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के विभिन्न सत्रें की जानकारी दी। इस अवसर पर रेडकोस के सचिव श्री प्रवीण जैन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के परियोजना निदेशक, श्री राजेश भारद्वाज ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
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