ब्रेल लिपि ने दृष्टिहीनों के लिए ज्ञान का द्वार खोला
4 Jan
2008 श्री जैन शुक्रवार को यहां विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रज्ञाचक्षु भवन में लुइ ब्रेल दृष्टिहीन विकास संस्थान द्वारा आयोजित लुई ब्र्रेल की २००वीं जयन्ती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
जयपुर, ४ जनवरी। निःशक्तजन आयुक्त श्री खिल्लीमल जैन ने कहा है कि लुईब्रेल ने ब्रेल लिपि का आविष्कार कर दृष्टिहीनों के लिए ज्ञान का द्वार खोल दिया है जिससे उन्हें पढ लिखकर आगे बढने के अवसर मिले हैं वहीं उनका आत्मबल भी मजबूत हुआ है।
श्री जैन शुक्रवार को यहां विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रज्ञाचक्षु भवन में लुइ ब्रेल दृष्टिहीन विकास संस्थान द्वारा आयोजित लुई ब्र्रेल की २००वीं जयन्ती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
उन्होंने निःशक्तजनों के कल्याण के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में १४० पंचायत समिति स्तर पर निःशक्तजनों के कल्याणार्थ शिविर आयोजित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से निःशक्तजन अपने में संकल्प शक्ति जाग्रत करें कि वे किसी से कम नहीं हैं। निःशक्तजन के प्रति समाज में सोच को बदलने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि निःशक्तजन में कई प्रतिभाएं होती हैं और वे किसी सामान्य व्यक्ति से किसी क्षेत्र में कम नहीं हैं। उन्होंने निःशक्तजनों से कहा कि वे जीवन में कभी हतोत्साहित नहीं हो।
श्री जैन ने संस्थान के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि दृष्टिहीन बालकों के लिए संस्थान द्वारा जो प्रशिक्षण की व्यवस्था की है इससे उन्हें रोजगार क अवसर प्राप्त होंगे और वे समाज में सम्माननीय जीवन जी सकेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे नेत्रहीनों की समस्याओं का हरसंभव निराकरण करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने निःशक्तजनों की सेवा के लिए सभी को आगे आकर सहयोग करने का आग्रह किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि इण्डियन आयल कारपोरेशन के महाप्रबंधक श्री डी.एस.एल. प्रसाद ने कारपोरेशन की ओर से सामुदायिक विकास योजना के तहत लुई ब्र्रेल दृष्टिहीन विकास संस्था को दृष्टिहीन बालकों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए १.१३ लाख रुपये की सहायता राशि का चैक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि संस्थान नेत्रहीन बालकों को प्रशिक्षण देने का महत्ती कार्य कर रहा है इससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
इस अवसर पर श्री कृष्ण मृदुल जी महाराज ने अपने सम्बोधन में कहा कि मानव जीवन अमूल्य है और हर मानव में अलोकिक शक्ति विद्यमान है जिसका उपयोग मनुष्य को सद्कार्यों में करना चाहिये। उन्होंने कहा कि समर्थ व्यक्ति को जीवन में नेत्रहीन व असहाय व गरीब लोग की हरसंभव मदद करनी चाहिये।
समारोह में विशिष्ट अतिथि अशोका इन्टरप्राईजेज के प्रबंध निदेशक श्री सुधीर कुमार अवस्थी, उद्योगपति व समाज सेविका श्रीमती अनिता अग्रवाल भी उपस्थित थीं।
प्रारंभ में सभी अतिथियों ने लुई ब्रेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। समारोह में नेत्रहीन बालकों ने सरस्वती वन्दना सहित कई मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर कई दानदाताओं ने संस्थान को दान स्वरूप राशि देने की घोषणा भी की। अन्त में संस्थान के मानद सचिव श्री ओमप्रकाश अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।