पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर राहत को लेकर संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी से जुड़ी उम्मीदें भी आज तार-तार हो गई। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद अब सोनिया गांधी ने भी साफ कर दिया है कि जनता को लुभाने के लिए विकास से समझौता नहीं किया जाएगा। सोनिया गांधी ने आज सीपीपी की बैठक में दो टूक शब्दों में कहा कि सुदृढ विकास के लिए लोकलुभावन आर्थिक नीति नहीं बनानी चाहिए और वित्त मंत्री ने विकास को केन्द्र में रखकर जिस तरह का बजट पेश किया है वो काबिले तारीफ है। सोनिया ने तेल की कीमतों पर प्रणब के रूख का समर्थन करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों और सामाजिक विकास के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी थी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पिछले सप्ताह आम बजट में पेट्रोलियम पदार्थो पर उत्पाद शुल्क लगाने की घोषणा की थी। वित्त मंत्री के ऎलान के बाद पेट्रोल और डीजल की दाम लगभग तीन रूपए तक बढ़ गए हैं। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का विपक्ष जमकर विरोध कर रहा है। यही नहीं संप्रग सरकार में शामिल कुछ घटक दल भी इससे नाराज हैं और बढ़ी कीमतों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। यूपीए के घटक दलों में तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष व रेल मंत्री ममता बनर्जी और डीएमके सुप्रीमो करूणानिधी ने तेल की कीमतों को वापस लेने की मांग की है ।