बांसवाडा, (वागड विजन) इस वर्ष चैत्र नवरात्रारंभ घटस्थापन ६ अप्रेल रविवार को होगा। इस बारे में भगोरेश्वर शिवालय में शुक्रवार को आयोजित पण्डितों की बैठक म इस बारे में निर्णय लिया गया। इसकी अध्यक्षता गायत्री मण्डल के संरक्षक एवं जाने-माने प्राच्यविद्यामर्मज्ञ पं. महादेव शुक्ल ने की।
बैठक में पौराणिक और ज्योतिषीय ग्रंथों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया कि ७ अप्रेल सोमवार को प्रतिपदा मात्र २ पल है। शास्त्र में इस बारे में निर्देश हैं कि यदि प्रतिपदा मुहूर्त (२ घटी) से न्यून हो तो नवरात्रारंभ अमायुक्त प्रतिपदा में ही होगा।
शास्त्रीय आज्ञा में कहा गया है - ‘मुहूर्त्तन्यूनव्याप्तौ सूर्योदयास्पर्शे वा दर्शयुतापिग्राह्यां। ’ इसके अनुसार विक्रम संवत २०६५ में नवरात्रारंभ घटस्थापना ६ अप्रेल रविवार को प्रातः ९ बजकर २५ मिनट बाद अभिजित मुहूर्त में होगी। बैठक में पं. भालचन्द्र शुक्ल, ब्रह्मर्षि पं. दिव्यभारत पण्ड्या सहित अनेक पण्डित एवं ज्योतिषी उपस्थित थे।