बीकानेर। जिला कलक्टर श्रेया गुहा ने कहा है कि किसी रोगी में अगर स्वाइन फ्लू लक्षण मिलते है, तो इसे गंभीरता से लेते हुए रोगियों के उपचार को प्राथमिकता दी जाये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ब्लाक चिकित्सा अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं की रिपोर्ट लेंगे। गुहा ने मंगलवार को पानी-बिजली एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को स्वाइन फलू रोग पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर से आने वाले रोगियों के बारे में पूरा विवरण तैयार होना चाहिए। रेलवे स्टेशन,बस स्टेशन आदि स्थलों पर विशेष सर्तकता बरती जाये। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय पी.बी.एम.अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले रोगियों पर विशेष ध्यान दिये जाने और उनकी नियमित रिपोर्ट ली जाने के भी निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने कहा कि अस्पताल में इस रोग के उपचार के लिए सभी तैयारी होनी चाहिए ताकि आवश्यता पडने पर रोग पर नियंत्राण पाया जा सके। गुहा ने जिले के विभिन्न स्थानों पर विद्युत में आ रहे व्यवधान को गंभीरता से लिया और संबंधित विभाग के अभियन्ता को विद्युत आपूर्ति की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये। विशेषकर उन्होंने श्रीडूंगरगढ,नोखा व खाजूवाला क्षेत्रो में विद्युत सप्लाई के बारे में दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने विद्युत वितरण रजिस्ट्रर संधारण के निर्देश दिये और कहा कि संबंधित क्षेत्र के उपखण्ड अधिकारी इसका निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने देशनोक के 132 के.वी.ग्रिड स्टेशन से उत्पन्न हुई विद्युत समस्या के बारे में जानकारी ली और कहा कि खराब हुए ट्रांसफार्मर को शीघ्र ठीक करवाया जाये। गुहा ने ट्रांसफार्मरों के खराब होने से उत्पन्न विद्युत समस्या की समीक्षा की और कहा कि विभाग उसे कम से कम समय में बदलवाने की कार्यवाही करे। जिस क्षेत्र में विद्युत कट है,उसके बारे में जनता को पूर्व में सूचना दी जाये ताकि बिजली को लेकर कोई भ्रांति न हो। उन्होंने कहा कि विद्युत की स्थिति में सुधार लाये और विद्युतवितरण प्रबन्धन पर ध्यान दिया जाये। उन्होंने बिजली से प्रभावित पेयजल स्कीमों की जानकारी ली और कहा कि पेयजल समस्याग्रस्त गांवों में जनरेटर से पेयजल स्कीमों को चलाया जाये। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) असरफ अली, अधिशाषी अभियन्ता डिस्कोम पी.सी.टाक,अधिशाषी अभियन्ता जलदाय सिटी डिवीजन (प्रथम) एस.एस.राठौड व अधिशाषी अभियन्ता (द्वितीय) बी.एस.मीणा तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.सी.बी.धानावत उपस्थित थे।