बीकानेर में कृष्ण जन्माष्टमी की चारों तरफ धूम है। शहर में जगह जगह पर जन्माष्टमी की रौनक देखने को मिल रही है। बीकानेर के दम्माणी चौक स्थित गोपालजी के मंदिर, मोहता चौक स्थित मरूनायक मंदिर, मदनमोहन मंदिर स्थित सभी कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मोहता चौक में विशेष रौनक देखने को मिल रही है। यहॉ। मरूनायक मंदिर में व मदनमोहनजी के मंदिर में कंस का विशेष आकर्षण है और भगवान मदनमोहन व मरूनायक की मूर्तियों के विशेष श्रृंगार किए गए हैं। मोहता चौक में मंदिरों की विशेष सजावट की गई है। इसी प्रकार दम्माणी चौक के बडे गोपालजी के मंदिर में भी विशेष सजावट की गई है। पूरे चौक को सजाया गया है और लाइटिंग की गई है। जन्माष्टमी के पर्व पर कईं मौहल्लों में व घरों में जन्माष्टमी की विशेष सजावट की गई है। दम्माणी चौक स्थित एक घर में जन्माष्टमी की विशेष सजावट की गई है। यहाँ कबाड की वस्तुओं से जन्माष्टमी सजाई गई है। कबाड की सीरिंज, टूटी मटकी व ऐसे समान जो किसी काम के नहीं है उनसे सुन्दर झांकी सजाई गई है। यहाँ कंस का आकर्षण भी विशेष है और यंत्र चलित यह कंस अंदर घुसते ही डरवानी आवाज निकालता है। इस झांकी को देखने के लिए लोगों में विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है। इसी प्रकार पुष्करणा स्टेडियम के पास ओम नारायण रंगा के नेतृत्च में बूलजी रंगा, गणेश नारायण, राजा पुरोहित, सदन बोहरा के युवकों की टोली ने जन्माष्टमी की आकर्षक झांकी सजाई है। इसी मौहल्ले में मोनू व उसके मित्रों ने भी मनमोहक झांकी बनाई है। इन झांकियों में भगवान कृष्ण के बालरूप सहित वन की झांकी, पहाड व आधुनिक रास्ते भी दिखाए गए ह। इसी प्रकार शहर के खडगावतों के मौहल्ले में ग्वाल बाल मण्डल के कार्यकर्ताओं ने मौहल्ले के शिवसत्यनारायण मंदिर में मनमोहक व आकर्षक झांकी सजाई है। मौहल्ले के प्यारेलाल खडगावत, भवानीशंकर खडगावत, नारायण खडगावत के नेतृत्व में करीब पचास कार्यकर्ताओं की टोली ने एक महीने तक मेहनत कर यह झांकी सजाई है। इस झांकी में लकडी का काफी प्रयोग किया गया है। यहाँ बनी प्रत्येक वस्तु कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों से बनाई है। यहाँ आकर्षक रथ व मूंग की दाल व अन्य दाल से सजी गुबंद काफी मनमोहक लग रहे है। इसी के साथ यहाँ बना राधा महल व महाडों का दृश्य भी काफी आकर्षक है। इस झांकी को बनाने में कागज की लुगदी का प्रयोग भी किया गया है। इस झांकी को देखने वालों का तांता लगा हुआ है। इसी प्रकार घर घर में कृष्ण जन्म पर झांकियाँ सजाई गई है। बीकानेर के बारहगुवाड में भी कृष्ण जन्माष्टमी की सबसे ज्यादा रौनक देखने को मिल रही है। यहाँ करीब चालीस फुट उचा कंस बनाया गया हैं। इस कंस को देखने के लिए लोगों का हूजूम उमडा हुआ है। इस कंस को बनाने में भैरव ओझा की टीम ने काफी मेहनत की है। बीकानेर में पिछले दस सालों से यह कंस बनाया जा रहा है और प्रतिवर्ष इसका कद बढा दिया जाता है।
इस प्रकार पूरा शहर आज कृष्णमय नजर आ रहा है। जहाँ नजर डालो वहाँ कृष्ण भक्ती में डूबे लोग दिखाई दे रहे हैं। छोटी काशी बीकानेर में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। बीकानेर शहर में अधिकांश लोग पुष्टिमार्गीय वैष्णव सप्प्रदाय से है और वे बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं रात की बारह बजने का।
Janamashtmi is one of our'Maharatri'.Its called also by the name of'Mohratri'.Only God Krishna has 16 virtue and this festival is celebrated in whole india.God krishna is most famous in over all world.Many birtish people and other countries ppl regard krishna as God as we worship HIM.we can find many Foreigners whom is devoted to God Krishna like Meera., Rani (9/6/2007 9:19:48 PM)