जयपुर, ४ अक्टूबर। देश में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हुए विकास और स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए किये गये संघर्ष की बानगी देने के लिए एक चल रेल प्रदर्शनी ’’आजादी एक्सप्रेस‘‘ १० अक्टूबर से २० अक्टूबर तक राज्य में भ्रमण करेगी।
सन् १८५७ की क्रांति ने देश में आजादी की लहर पैदा की थी। यह वर्ष भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति के इतिहास की नींव माना जाता है। आजादी की १५० वर्ष पुरानी इस अनूठी, पहली लडाई और स्वाधीनता प्राप्ति के बाद ६० वर्षों के विकास का इतिहास समेटे यह चल प्रदर्शनी देश के कुल ६८ शहरों और कस्बों में घूमेगी।
प्रदर्शनी का आयोजन संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने किया है। इस प्रदर्शनी में स्वाधीनता के लिए लडी पहली लडाई के महत्वपूर्ण एवं प्रमुख पहलुओं, गौरवपूर्ण स्वाधीनता संग्राम के खास-खास चरणों और देश में आजादी के बाद हुए विकास को संजोया गया है। प्रदर्शनी के माध्यम से आम लोगों खासकर युवाओं को मातृभूमि के गौरवपूर्ण इतिहास से रूबरू कराया जायेगा ताकि वे देश के लिए साहस, प्रतिबद्धता और त्याग के जज्बे की भावना का अनुभव कर सकें।
शहीद भगतसिंह के जन्म दिवस २८ सितम्बर को नई दिल्ली से केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री अर्जुनसिंह ने इस ट्रेन को रवाना किया था।
राज्य में यह ट्रेन दस अक्टूबर से १२ अक्टूबर तक अजमेर के दौराई-३ स्टेशन पर रहेगी। प्रदर्शनी १३ अक्टूबर को दोपहर ढाई बजे गांधीनगर रेल्वे स्टेशन, जयपुर पहुंचेगी जहां यह १६ अक्टूबर को रात आठ बजे तक रहेगी। बीकानेर के लालगढ स्टेशन यह ट्रेन १७ अक्टूबर को सुबह पांच बजे पहुंचेगी जहां यह २० अक्टूबर दोपहर १२ बजे तक रहेगी।