हनुमानगढ, ४ अक्टूबर । सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा बनवाई गई टेलीफिल्म ‘‘मैं जीती‘‘ की गुणवत्ता के मद्देनजर इसे १० वें मुम्बई अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में भिजवाया गया है । समारोह ३ फरवरी से ९ फरवरी २००८ तक मुम्बई में आयोजित होगा। टेलीफिल्म ‘‘मैं जीती‘‘ की अवधि २८ मिनट की है। कहानी श्री रत्नकुमार सांभरिया की है पटकथा, संवाद और निर्देशन श्री रतनेश एन.टाक के है। मुख्य भूमिका निभाई है, प्रियदर्शिनी मिश्रा, कुमार संतोष, सुप्रिया शर्मा, श्रीमती उषा नागर, श्री शेखर शेष और श्रीमती संगीता गैरा आदि ने। टेलीफिल्म ‘‘मैं जीती‘‘ एक ऐसी नवजात बच्ची की हृदयविदारक कहानी है जो किसी सहृदय द्वारा कूडे के ढेर से उठाकर शिशुगृह के पालना में रख दी गई थी बच्ची का मासूम शरीर चींटों ने छलनी कर दिया था और चींटे उसकी एक आंख भी खा गए थे। टेलीफिल्म का यह डायलॉग जैसे कहानी में मर्म की मीमांसा है। समाज इन्हें नाजायज कहता है लेकिन नाजायज तो वो मां-बाप होते है, जिनके नाजायज संम्बन्धों की सजा ये बच्चे भुगतते है। शिशु गृह में दयनीय हालत में आयी इस बच्ची का इलाज, सेवा, सूश्रूषा परवरिश और पुनर्वास होता है।