डूंगरपुर, ४ दिसंबर। राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकारसिंह लखावत मंगलवार को जिले की एक दिवसीय यात्र पर डूंगरपुर पहुंचे। उन्होंने यहां पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण विभिन्न स्थलों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को इनके विकास के लिए विस्तृत दिशा निर्देश प्रदान किए।
आज दोपहर उन्होंने शहर के मध्य स्थित फतेहगढी का दौरा किया और यहां पर इसके विकास के विविध पहलुओं पर नगरपालिका अध्यक्ष शंकरसिंह सोलंकी, महाराजकुंवर हर्षवर्धनसिंह और पर्यटन विभागीय अधिकारियों से चर्चा की। फतेहगढी की ऊचाई से उन्होंने शहर का भी नजारा देखा और कहा कि शहर बेहद खुबसूरत है। उन्हने बादल महल और गेपसागर झील को भी देखा और इसकी सुन्दरता की सराहना करते हुए विकास के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। गेपसागर झील में बोटिंग प्रारंभ करने के लिए उन्होंने योजना तैयार करने को कहा, इस पर नपाध्यक्ष सोलंकी ने बताया कि इस संबंध में टेण्डर इत्यादि हो चुके है और शीघ्र ही बोटिंग प्रारंभ हो जाएगी। पहाडी से ही उन्होंने श्रीनाथजी मंदिर समूह को देखा और इसके विकास के लिए प्रयास करने की बात कही।
गेपसागर झील के मध्य स्थित मनोहारी बादलमहल को देखकर इसकी सुन्दरता की प्रशंसा की और इसमें जिले के गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित करने वाली पिक्चर गैलरी बनाने के लिए अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने इसमें ऑडियो-विजुअल इफेक्ट का प्रयोग करते हुए इसे आकर्षक बनाने का सुझाव दिया। इंडियन नेशनल ट्रस्ट ऑफ कल्चरल हेरिटेज डूंगरपुर अध्यक्ष और महाराजकुंवर हर्षवर्धनसिंह ने अपने पास मौजूद फोटोग्राफ्स और पेन्टिंग्स को इस गैलरी के लिए उपलब्ध कराने की ईच्छा जताई। लखावत ने नगरपालिका व पर्यटन विभाग को इंटेक प्रतिनिधि के साथ बैठक आयोजित करते हुए बादल महल विकास के लिए वांछित प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
इस इतिहासविद् महेश पुरोहित, उपखण्ड अधिकारी रामचंद्र खराडी, अधिशासी अधिकारी दिनेश शर्मा, सहायक पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाडया, पर्यटन प्रतिनिधि वीरेन्द्रसिंह बेडसा और अन्य अधिकारी मौजूद थे। पर्यटन विकास पर की चर्चा राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकारसिंह लखावत ने मंगलवार दोपहर सर्किट हाउस में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, अधिकारियों व प्रबुट्ठजनों से डूंगरपुर के पर्यटन स्थलों और इनके विकास विषय पर चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों और जिले के प्रस्तावित विभिन्न पर्यटन सर्किटों की जानकारी ली । उन्होंने नगरपालिका अध्यक्ष शंकरसिंह सोलंकी,महाराजकुंवर हर्षवर्धनसिंह, इतिहासविद् महेश पुरोहित आदि से डूंगरपुर शहर के प्रमुख स्थलों व पुरा महत्व के स्थलों के विकास की जरूरतों और इसके लिए अपेक्षित कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दूरभाष पर जिला कलक्टर नीरज के.पवन से भी पर्यटन स्थलों के विकास के लिए जिला प्रशासन की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर उपखण्ड अधिकारी रामचंद्र खराडी, अधिशासी अधिकारी दिनेश शर्मा, सहायक पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाडया, पर्यटन प्रतिनिधि वीरेन्द्रसिंह बेडसा आदि मौजूद थे। राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकारसिंह लखावत ने कहा है कि जनजाति संस्कृति और शिल्प स्थापत्य को सहेजने वाले डूंगरपुर को पर्यटन स्थलों में अग्रणी बनाने के लिए पुरजोर प्रयास किए जायेंगे।
श्री लखावत मंगलवार को यहां सर्किट हाउस में मीडियाकर्मियों से मुखातिब हो रहे थे। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर जिले को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए कई प्रस्ताव बनाए गए ह। वन-डे, हाफ-डे तथा टू-डे पर्यटन सर्किट का निर्माण भी जिला प्रशासन द्वारा करवाया जा चुका है। इस पर बैठकर चर्चा की जानी है तथा मूर्त रूप देने के प्रयास किए जायेंगे। इसी प्रकार जिले के पर्यटन स्थलों का विकास हो इसके लिए प्राधिकरण भी पूरा प्रयास व सहयोग करेगा। उन्होंने पुरा महत्व के स्थलों को चिन्हित करवाते हुए संरक्षित करवाने की योजना के बारे में भी जानकारी दी।
श्री लखावत ने राज्य सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन की सराहना करते हुए बताया कि राज्य सरकार के कार्यकाल में एक दिन भी ओवरड्राफ्ट की स्थिति का सामना नहीं करना पडा। सरकार ने अपने चार वर्षीय कार्यकाल में हर वर्ग को राहत प्रदान की है और हर वादे को पूरा किया है।
इस मौके पर नगरपालिका अध्यक्ष शंकरसिंह सोलंकी, समाजसेवी गजेन्द्रसिंह चौहान, गुरूप्रसाद पटेल प्रभु पण्ड्या, नपा उपाध्यक्ष के.के.गुप्ता, दौलतसिंह राठौड, हीरालाल भील, सुरेश फलोजिया, उपखण्ड अधिकारी रामचंद्र खराडी, सहायक पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाडया, वीरेन्द्रसिंह बेडसा* आदि मौजूद थे।