‘‘आकार आर्ट ग्रुप’’ अजमेर द्वारा राजस्थान के पच्चीस चित्रकारों की
कला प्रदर्शनी का दिल्ली में पहली बार आयोजन
जयपुर, अजमेर जिले के ‘‘आकार आर्ट ग्रुप’’ के समसामयिक कलाकारों की एक कला प्रदर्शनी का नई दिल्ली के रफी मार्ग स्थित ऑल इण्डिया फाइन आर्ट्स एण्ड काफ्टस सोसाइटी में आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी में राजस्थान के पच्चीस चित्रकारों के चित्ताकर्षक चित्रों को प्रदर्शित किया गया है। सात दिसम्बर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का शुभारंभ कला समीक्षक पद्मश्री केशम मलिक ने किया ।
‘‘आकार’’ राजस्थान के उन समसामयिक कलाकारों का एक समूह है जो विभिन्न कलाओं से जुडे हैं किन्तु सम्मिलित रूप से उन्होंने राजस्थान के कला जगत को नवीन आयाम दिए हैं। इस प्रदर्शनी में कलाप्रेमी देश के कई शहरों में जन्मे पले 25 विभिन्न कलाकरों की कलाकृतियों का एक ही जगह अवलोकन कर सकते हैं।
प्रदर्शनी में अजमेर के लक्ष्यपाल सिंह ने केनवास पर’’ राजस्थानी आनबान को ‘‘ रजवाडा नामक चित्र के माध्यम से शानदार तरीके से दिखाया है। अजमेर के ही डॅा. अनुपम भटनागर ने जहां चटकीले रंगों में लोक जीवन के विभिन्न आयामों को‘‘म्हारो’’ ’राजस्थान श्रृंखला द्वारा प्रस्तुत किया है वहीं प्रहलाद शर्मा की कलाकृति ‘‘न्यू विजन’’ में ‘‘सूर्य’’ की प्रेरणास्पद उपस्थिति जीवन की अनुभूतियों को मुखरित करती है। प्रमोद कुमार सिंह की ड्राइंग, डॉ. अमित राजवंशी की ‘‘प्रणय’’, देवेन्द्र खारोल द्वारा बनाई गई तीन फीट की लकडी की स्कल्पचर ‘‘रिलेशन’’ में प्रकृति, मानव व पशु जगत के विभिन्न संवेगों की तादातम्यता देखी जा सकती है।
प्रदर्शनी में फर्स्ट विजीटर के रूप में मौजूद कला महाविद्यालय दिल्ली के निर्वतमान प्राचार्य नीरेन सेन गुप्ता ने भी प्रदर्शित कृतियों की प्रशंसा की और आकार आर्ट ग्रुप को इस प्रदर्शनी हेतु आभार ज्ञापित किया। आइफैक्स दिल्ली में आयोजित इस प्रदर्शनी में जयपुर, अजमेर, भीलवाडा, उदयपुर, गोरखपुर, नई दिल्ली, गुडगांव, लखनऊ आदि शहरों के अतिरिक्त आस्ट्रेलिया के चित्रकारों के काम को एक साथ देखना सचमुच बहुत सुखद लगता है। प्रदर्शनी में कुल 1॰8 चित्र एवं 3॰ मूर्ति शिल्प हैं।
प्रदर्शनी में गोरखपुर की डॉ. सुदीप्ता बी.भूषण की ‘पतिता’ डॉ. भारत भूषण का ‘ आदम इव एण्ड एपिल’, दिल्ली के डॉ. अशोक दीक्षित का ‘लोस्ट इन लव’, गुडगांव की रागिनी सिन्हा का ‘संयोजन’, लखनऊ की नीता कुमार का ‘बिटवीन द लाईफ’ के साथ-साथ आस्ट्रेलिया के चित्रकार डेनियल कॉनेल के ‘पोट्रेट्स’ आदि को दर्शकों एवं कला समीक्षकों ने सराहा। मूर्तिकारों में रेनूराना, निरंजन कुमार, प्रिया राठौर, शिवराज व धर्मेन्द्र हैं। आइफैक्स में सात दिसम्बर तक आयोजित इस प्रदर्शनी की रूपरेखा एवं प्रबंधन का दायित्व श्रीमती दीपिका दीक्षित ने सफलतापूर्वक निभाया।
प्रदर्शनी में मुख्य दर्शक के रूप में आनन्द देव, रामेश्वर सिंह, विज्ञान वृत, सुरजीत आकरे, वी.एस.राही, हरीश श्रीवास्तव एस.सी. आहुजा आदि उपस्थित थे।
भीलवाडा के अनिल मोहनपुरिया ने ‘‘मिस्ट्री’’ शीर्षक से ऑइल पेटिंग द्वारा, अजमेर की प्रिया राठौर ने ‘भारतीय महिला’ को फाइबर से, नसीराबाद के पुष्प कान्त मिश्रा ने ‘‘साक्षी’’ कलाकृति को मिक्स मीडिया माध्यम द्वारा संजोया है। जयपुर की शैला शर्मा की मौलिक कलाकृति ‘‘गणेश’’, उदयपुर की अर्चना तेला की ‘‘वुमेन’’, उदयपुर के ही राजाराम व्यास की ‘‘एक्प्रेशन-2’’, जयपुर के विनय त्रिवेदी की भी ‘‘गणेश’’ कलाकृतियों का अवलोकन करने से स्पष्ट होता है कि कलाकार की संवेदनशलता एक ही विषय वस्तु को अपनी कल्पनाशीलता व सृजनात्मकता से किस तरह नवीन स्वरूप दे सकती है।
इनके अतिरिक्त प्रदर्शनी में जयपुर की डॉ. ममता चतुर्वेदी द्वारा एक दिन की कहानी शीर्षक से प्रदर्शित कलाकृतियां भी कलाप्रेमियों को अपनी और आकर्षित कर रही हैं।