बीकानेर, श्रेष्ठ प्रबंधक अपनी भावनाओं पर नियंत्रण कर सकारात्मक सोच के साथ संप्रेषण करता है राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एम.पी. पूनिया ने कॉलेज के सेन्टर फॉर एथिक्स एण्ड इंडियन मैनेजमेंट तथा व्यक्तित्व विकास केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यशाला में कहा कि प्रभावी प्रस्तुतिकरण हेतु विषय की पूरी तैयारी, पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज, उपकरणों की जानकारी तथा भाषण शैली अत्यन्त महत्वपूर्ण है। प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता प्रबंध अध्ययन के एसोसियेट प्रोफेसर डॉ. गौरव बिस्सा ने कहा कि हास्य रस के साथ सरल भाषा में जो बात समझाई जाये वही सुसंवाद है। समापन सत्र को संबोधित करते हुये प्रबंध अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र कुमार व्यास ने कहा कि प्रत्येक प्रबंधक को अर्थव्यवस्था के नूतन आयाम तथा मार्केट के ट्रेन्डस का विश्लेषणात्मक विवेचन को पढना चाहिये। प्रवक्ता मनोज व्यास ने बताया कि कार्यशाला में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के समन्वयक जयप्रकाश भाम्भू ने तकनीकी व प्रबंध अध्ययन के नूतन आयामों का वर्णन किया तथा विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ नया सीखने की सीख दी। कार्यशाला में व्याख्याता अरूण पुरोहित, अतुल गोस्वामी, मोहम्मद युनूस शेख आदि ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन एमबीए विद्यार्थी हनुमान प्रजापत ने किया।