राजस्व अभियान में राहत और समाधान का सिलसिला जारी 5 Jan
2008
जिला कलक्टर नीरज के. पवन ने बताया कि जिले में राजस्व अभियान २००८ के प्रथम चरण के तहत दिनांक ३ व ४ जनवरी को जिले के विभिन्न ग्रामों में राजस्व शिविर आयोजित किए गए।
डूंगरपुर ५ जनवरी/राज्य सरकार द्वारा किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों की विभिन्न समस्याओं को उन तक पहुंच कर जानने एवं मौके पर ही निस्तारण किए जाने की दृष्टि से प्रदेश भर में चलाए जा रहे राजस्व अभियान की जिले में भी गतिविधियां जोर-शोर से जारी है। अभियान के तहत दो दिनों में जिले के १८ स्थानों पर शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। शिविर में विभिन्न स्थानों पर नामान्तरण के ३६२ प्रकरणों का निस्तारण किया गया वहीं विभिन्न स्थानों पर आयोजित शिविरों में १२ विद्यालयों को २.२८३ हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई।
जिला कलक्टर नीरज के. पवन ने बताया कि जिले में राजस्व अभियान २००८ के प्रथम चरण के तहत दिनांक ३ व ४ जनवरी को जिले के विभिन्न ग्रामों में राजस्व शिविर आयोजित किए गए। शिविर में प्रशासन की ओर से विभिन्न विभागों के अधिकारी व संबंधित कर्मचारी मौके पर ही उपस्थित होकर जन समस्याओं का नियमानुसार समाधान कर रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में गत दो दिनों में आयोजित शिविरों की प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ३९ जमाबंदियां तैयार की गई और ७३ पढकर सुनाई गई हैं। नामान्तरण खोलने एवं तस्दीक करने के ३६२ प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसी प्रकार गैर खातेदार कृषकों को खातेदारी अधिकार दिलाने के ९६ प्रकरणों का निस्तारण किया गया। राजकीय भूमि के कृषि प्रयोजनार्थ आवंटन, नियमन एवं पूर्व आवंटन आदि को रिकार्ड एवं नक्शे में इन्द्राज करने संबंधी कई प्रकरण निपटाए गए। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति में १ आवंटन, अनुसूचित जन जाति में ६७ आवंटन, अन्य में १० आवंटन सहित कुल ७८ आवंटन किए गए हैं।
कलक्टर ने बताया कि उक्त शिविरों में नवीन राजस्व गांव बनाए जाने हेतु प्राप्त एक प्रस्ताव पर तत्काल संबंधित प्रकरण आवश्यक कार्यवाही हेतु तैयार किया गया। इसके अतिरिक्त ३६३ पासबुकें आदिनांक की गईं व २४३ पास बुकें वितरित भी की गईं। राजस्व अभिलेखों की प्रतिलिपियां उपलब्ध करान के संबंध में प्राप्त आवेदन पत्रें में से ११२ आवेदन पत्रें का निस्तारण कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि शिविरों के दौरान आबादी विस्तार हेतु राजकीय भूमि के आवंटन हेतु ५ गांवों में ०.३६४५ है. भूमि आवंटित की गई है। जनोपयोगी प्रयोजन हेतु भूमि आवंटन के मामले पर त्वरित कार्यवाही करते हुए भूमि आवंटन के ३ अन्य मामलों का भी निस्तारण किया गया। इसी प्रकार काश्तकार अधिनियम के तहत कृषि जोतों के विभाजन के दर्ज नौ में से शतप्रतिशत मामलों का निस्तारण किया गया।
जिला कलक्टर ने बताया कि शिविर में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भूजल विभाग, कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, पशुपालन विभाग, सहकारी डेयरी फेडरेशन, सहकारिता विभाग, उद्योग विभाग, विद्युत विभाग, पंचायती राज तथा ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, रसद विभाग सहित समस्त संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर ही उपस्थित रह रहे हैं। उन्होंने आम जन से आह्वान किया कि इन शिविरों के माध्यम से अपनी समस्याओं के प्रति कृषक व ग्रामीण स्वयं जागरूक बनें और अपनी समस्याओं, परिवेदनाओं को प्रशासन के समक्ष रखे ताकि उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा सके।
उन्होंने बताया कि अभियान की नियमित मॉनीटरींग एवं समीक्षा का कार्य अतिरिक्त जिला कलक्टर टी आर जोशी द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा है। वहीं समस्त विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शिविर में उपस्थित रहने एवं अपने विभाग से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।
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सोमवार को होंगे ९ गांवों में शिविर
जिला कलक्टर ने बताया कि राजस्व अभियान के तहत सोमवार को जिले के गोल, नान्दली अहाडा, गलन्दर, देवलपाल, मैताली, पादरा, कोकापुर, पुनावाडा व गरियता आदि गांवों में राजस्व शिविरों का आयोजन किया जाएगा और मौके पर ही राजस्व तथा अन्य संबंधित समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।