प्रदेश के करीब एक हजार से अधिक कॉलेजों समेत सभी विश्वविद्यालयों में नए शिक्षा सत्र से छात्र संघों के चुनाव कराए जाएंगे। प्रदेश में पिछले पांच साल से चुनावों पर रोक थी और कॉलेज छात्रों में यह बड़ा मुद्दा था। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव घोषणा पत्र में यह वादा भी किया था। राज्य सरकार ने सैद्धांतिक रूप से छात्र संघों के चुनाव करवाने का सोमवार को फैसला ले लिया।छात्र संघों के चुनाव कराए जाने संबंधी प्रस्ताव को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को मंजूरी दे दी। इस मंजूरी के बाद अब राज्य में 14 सरकारी, 8 डीम्ड और 16 निजी विश्वविद्यालयों में भी चुनाव कराए जा सकेंगे। राज्य के छात्र लंबे समय से छात्र संघों के चुनाव कराए जाने की मांग करते आ रहे हैं। इस मांग को लेकर वे कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। विधानसभा में भी यह मामला कई बार उठ चुका है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान इसे अपने घोषणा पत्र में भी शामिल किया था। सरकार ने विधानसभा में भी छात्र संघ चुनाव कराए जाने का वादा किया था।