राज्य में जनहित में जन औषधि (जैनेरिक दवाइयां) की ज्यादा से ज्यादा दुकानें खोलने एवं इनके माध्यम से आम जन को कम मूल्य में गुणवत्ता युक्त औषधियां उपलब्ध कराने के लिए शुक्रवार को यहां सचिवालय में सहकारिता तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व राजस्थान ड्रग्स फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (आरडीपीएल) के बीच त्रिपक्षीय करार पर हस्ताक्षर किए गए। सहकारिता मंत्री परसादी लाल मीणा ने सहकारिता विभाग की ओर से, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ए.ए.खान ने चिकित्सा विभाग की तरफ से तथा आरडीपीएल की तरफ से आर.के. वशिष्ठ ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जी.एस.संधु, प्रमुख शासन सचिव सहकारिता आर.के.मीणा, प्रमुख शासन सचिव मेडिकल शिक्षा चन्द्रमोहन मीणा, पंजीयक सहकारिता मुकेश शर्मा एनआरएचएम के प्रबन्ध निदेशक भवानी सिंह उपस्थित थे। इस करार के तहत राज्य में सहकारिता विभाग के माध्यम से 105 स्थानों पर दुकानें खोली जाएंगी, जहां जैनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य में जन औषधि केन्द्रों की नोडल एजेन्सी राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ होगी। जन औषधि केन्द्रों के लिए चिकित्सा संस्थानों में स्थान चिकित्सा विभाग द्वारा तथा दुकानों का निर्माण कार्य सहकारिता विभाग द्वारा करवाया जाएगा। इन औषधि केन्द्रों पर दवाइयों की आपूर्ति प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर आरडीपीएल द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। सहकारिता मंत्री ने बताया कि जयपुर में एक माह के अन्दर सभी अस्पतालों में यह दुकानें शुरू हो जाएंगी, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। इन दुकानों पर गरीब एवं बीपीएल परिवारों को उचित दरों पर जैनेरिक दवाइयाँ उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि जन औषधि केन्द्र एक समयबद्घ कार्यक्रम के तहत खोले जाएंगे तथा जयपुर में दुकानें खोलने के बाद जिला मुख्यालय, ब्लॉक मुख्यालय तथा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दुकानें खोलने का प्रयास किया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जैनेरिक दवाइयां, ब्राण्डेड दवाइयों की तरह ही प्रभावी होती हैं, लेकिन इनकी कीमतों में 10 गुना तक का अन्तर पाया जाता है