KhbarExpress www.khabarexpress.com
Welcome Guest Sign In New user! Sign Up Now | My Favourites (new)
Search Photo  
RSS 23 November 2009
Forum | Wallpapers | Photo Gallery | Business | Entertainment | Education | Sports | Article | City | Cartoon | Video News |
Free News on your website


मूल्यनिष्ठ शिक्षा से मिटेगा हिंसा और अत्याचार - दादी ह्दयमोहिनी
5 Sep 2009

टूटता सामाजिक ताना बाना और पारिवारिक रिश्तो में बढती दूरियों के कारण दिन प्रतिदिन चिंतनीय स्थिति पैदा होती जा रही है


Add comment          Mail          Print          Write to Editor



आबू रोड, आज समाज में घृणा और हिंसा दिनोदिन बढता जा रहा है। निःसंदेह समाज का व्यक्ति भौतिक शिक्षाओं में नये आयाम तय कर रहा है परन्तु मूल्यनिष्ठ शिक्षा के अभाव में समाज में हिंसा और अत्याचार बढा है। मूल्यनिष्ठ शिक्षा के जरिये ही इसे रोक जा सकता है। उक्त उदगार ब्रह्माकुमारीज संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी ह्दयमोहिनी जी ने व्यक्त किये। वे शान्तिवन में मूल्यनिष्ठ शिक्षा एवं आध्यात्मिकता द्वारा स्वशक्तिकरण विषय पर आयोजित शिक्षाविदों के सम्मेलन में भारत तथा नेपाल से आये पांच हजार शिक्षकों को सम्बोधित कर रही थी।
Dadi Hrdaymohini addressing in a spiritual and educational seminar held Brahma Kumari Mount Abu आगे उन्होंने कहा कि हमारा टूटता सामाजिक ताना बाना और पारिवारिक रिश्तो में बढती दूरियों के कारण दिन प्रतिदिन चिंतनीय स्थिति पैदा होती जा रही है। शिक्षा का अर्थ समझ से है परन्तु वर्तमान दौर में मूल्यों को दरकिनार करने से शिक्षा के वास्तविक अर्थ पर सवाल उठने लगे हैं। भारतीय संस्कृति में शिक्षा के महत्व को पुनर्स्थापित करने के लिए मूल्यनिष्ठ शिक्षा एवं आध्यात्मिकता को शिक्षा प्रणाली का अंग बनाना जरूरी हो गया है।
श्रीलक्ष्मी शिक्षण संस्थान, चिन्तामणि के अध्यक्ष सी एन नरसिम्हा रेडडी ने कहा कि आज की शिक्षा में आमूल चूल परिवर्तन की आवश्यकता महसूस होने लगी है। किताबों और विषयों का बोझ तो बढता जा रहा है परन्तु उसमें से जो शिक्षा का मूल तत्व समाप्त होता जा रहा है। इस कारण मूल्यनिष्ठ समाज बनने की वजाए मूल्यहीन समाज बनता जा रहा है। इन समस्याओं के नियंत्रण में शिक्षा वर्ग अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है इसके लिए आध्यात्मिकता और मूल्यनिष्ठ शिक्षा को अनिवार्य रूप से लागू किया जाना चाहिए।
शिक्षा प्रभाग के राष्ट्रीय समन्वयक अहमदाबाद के डा. हरीश शुक्ला ने शिक्षा प्रभाग द्वारा अन्नामलाई विश्वविद्यालय के साथ किये गये समझौते को कारगर बताते हुए कहा कि इससे युवा वर्ग में एक सकारात्मक सोच का विकास होगा और समाज को एक दिशा मिलेगी। शिक्षा प्रभाग के उपाध्यक्ष ब्र. कु. मृत्युंजय ने कहा कि आज नकारात्मकता का सामाजिकरण हो गया है। इससे लोग जीवन का हिस्सा मानने लगे परन्तु इससे पनप रही कुरीतियों से त्रस्त हो रहे है। इसलिए शिक्षा के मूल उददेश्यों को ध्यान में रखते हुए व्यापक रूप से आध्यात्मिकता और मूल्यनिष्ठ शिक्षा को लागू करना अनिवार्य हो गया है। यही इस सम्मेलन का उददेश्य है।
ग्राम विकास प्रभाग की अध्यक्षा ब्र. कु. मोहिनी ने आत्मा और उसके गुणों पर वृहद प्रकाश डालते हुए उपस्थित शिक्षाविदों को योगानुभूति करायी। ब्र. कु. मुन्नी ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी द्वारा शिक्षा के लिए किये गये सराहनीय प्रयासों को लोगों के समक्ष रखा। कार्यक्रम का संचालन जयपुर की ब्र. कु. पूनम ने किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम का माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर उदघाटन किया गया। यह सम्मेलन तीन दिन चलेगा जिसमें नैतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करने के लिए विस्तार से विचार विमर्श कर सकारात्मक हल ढूढने का प्रयास किया जायेगा।




Discuss this story on KhabarExpress Forum  

More News: Brahmakumari Ashram Mount Abu

Pelagian Dictionary

शिक्षा
से
मिटेगा
हिंसा
और
अत्याचार
दादी
ह्दयमोहिनी


Comments to this News

Be the first to comment on this News


 
Post Your Comments to this News
 Posting Rules
 
  Name: Email:
 

Top Story of The Day
Latest Articles

Pantaloons Femina Miss India South 2010 Hyderabad Round Winners with Fashion Designer Prasad Bidappa

Search hindi - English word definition online at PleagianDictionary.com

Katrina Kaif and Akshay Kumar in Movie De Dana Dan


Education Special

All right reserved by Khabarexpress.com
Contact Us | Archives | Sitemap | Can't see Hindi ?
Special Edition: Lakshchandi Mahayagya, Camel Festival 2007, Vartmaan Sahitya, Bikaner Udyog Craft Mela
Our Network rajb2b.com | khabarexpress.com | uniqueidea.net | PelagianDictionary.com | hindinotes.com
Developed & Designed by Pelagian Softwares