जयपुर, ५ अक्टूबर। विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा सिंह ने कहा है कि महिलाओं ने प्रत्येक क्षेत्र में कामयाबी के नए आयाम स्थापित किए हैं तथा बालिकाओं में देश भक्ति के संस्कार डाले जाने आवश्यक है।
श्रीमती सिंह गुरूवार को हनुमानगढ जिला मुख्यालय पर जाट कन्या छात्रावास में १८५७ की क्रांति के १५० वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं में असीम शक्ति है जिसके दम पर वे पूरे कुनबे को बाँध कर रखती हैं तथा परिवार का संचालन करती हैं।
समाज को कन्या भ्रूण हत्या के नासूर से मुक्त कराने के लिए महिलाओं की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऐसी प्रवृतियों को नकारना चाहिए। इस अवसर पर छात्रावास की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों तथा सम्मानित होने वाली प्रतिभाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रावास में बालिकाओं में देशभक्ति के संस्कारों का विकास किया जाना तारीफे काबिल प्रयास है।
कार्यक्रम में विधायक श्री विनोद कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष श्री पवन अग्रवाल तथा श्रीमती तारावती भादू ने भी विचार रखें।
इस दौरान छात्रावास की बालिकाओं ने १८५७ के स्वतंत्रता संग्राम, झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, भगतसिंह, राजगुरू व सुखदेव के बलिदानों तथा आजादी की शौर्य गाथाओं को जीवंत करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी की दाद हासिल की। साथ ही उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या पर एक लघु नाटिका की भी प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने छात्रावास अधीक्षक श्रीमती शर्मिला जांगू सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाशाली छात्राओं को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम में पंचायत समिति प्रधान श्री दयाराम जाखड, श्री सुरेन्द्र कडवासरा सहित, बालिकाओं के अभिभावकगण पार्षदगण, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री भीष्म कौशिक ने किया।