जयपुर नहरों के अंतिम छोर पर पानी नहीं पहुंचने की समस्या दूर करने के लिए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक अधिशासी अभियंता प्रतिमाह निश्चित दिन नहरों के अंतिम छोर पर जनसुनवाई के लिए एक शिविर आयोजित करेगा। इसमें उस क्षेत्र के किसानों एवं जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि विभागीय अधिकारी समय-समय पर नहरों के अंतिम छोर पर जाकर किसानों एवं जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श करते रहेंगे तो किसी तरह की समस्या नहीं रहेगी। राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे शिविरों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इनमें भाग लेकर समस्याओं का निराकरण करवा सकें। राज्य सरकार के स्तर पर प्रतिमाह इन निर्देशों की पालना की गहन समीक्षा की जाएगी, जो अधिशासी अभियंता इन निर्देशों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उसके वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन में भी इस संबंध में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की जाएगी। संबंधित मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता की जिम्मेदारी होगी कि वह इस निर्णय का कड़ाई से पाल करवाए और स्वयं भी शिविरों में जाकर सुनिश्चित करे कि अधिशासी अभियंता प्रभावी कार्रवाई कर रहा है या नहीं