राजस्थान सरकार ने नौकरियों में विशेष श्रेणी में आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक के कारण करीब 50 हजार सरकारी नौकरियों पर लटकी तलवार हटाते हुए आज आरक्षण की पुरानी व्यवस्था को लागू करने का फैसला किया है।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि गुर्जरों को विशेष श्रेणी में पांच प्रतिशत तथा आर्थिक पिछडों को चौदह प्रतिशत आरक्षण के निर्णय पर हाईकोर्ट की रोक के कारण 50 से 60 हजार नौकरियों पर फैसला नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि आरक्षण की पुरानी व्यवस्था लागू कर यह नौकरियां देने का रास्ता साफ किया गया है। हालांकि, नियुक्तियां देते समय यह खुलासा किया जाएगा कि इस बारे में अदालत का निर्णय अंतिम होगा। गहलोत ने कहा कि विशेष श्रेणी में आरक्षण विशेष परिस्थितियों में लागू किया गया था तथा सरकार की मंशा है कि इस पर अमल हो। इस लिहाज से अदालत के समक्ष सरकार अपना पक्ष रखेगी।