रामाश्रम सत्संग द्वारा तीन दिवसीय ध्यान व प्रवचन कार्यक्रम शुरू
6 Apr
2009
रामाश्रम सत्संग, मथुरा के उफन्द्र बीकानेर में आज तीन दिवसीय ध्यान व प्रवचन कार्यक्रम शुरू हुए। माहेयवरी भवन मे हुए इस कार्यक्रम मे पधारे रामाश्रम सत्संग के विभिन्न आचार्यों, संतों के बीकानेर आगमन पर बैजनाथ पारीक ने हार्दिक अभिनन्दन, स्वागत करते हुए संतो के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। पारीक न कहा की कहा कि पतित पावनी गंगा चलकर हमें शीतलता देने हमारे घर बीकानेर मे पधारी है।
पारीक ने कहा की रामाश्रम सत्संग बीकानेर की १९५६ में स्थापना के समय परमभागवत पण्डित मिहीलाल के त्याग, तपस्या एवं समर्पण को याद किया तथा बतलाया कि उन्होंने गुरु की ध्वजा को आगे रखकर अलख जगाई, वह आज भी अक्षुण्ण चली आ रही है। आज यह सत्संग वट वृक्ष की तरह फलफूल कर समस्त विश्व में फैल चुका है। सत्संग रूपी विशाल वृक्ष की शीतल छाया संत आम लोगों को देते हैं जबकि स्वयं वृक्ष के पत्ते एवं डाली पर, धूप-मिट्टी व बीट को सहते हैं। कलिकाल में रामाश्रम सत्संग की ’ध्यान क्रिया‘ से मानव धीरे-धीरे प्रकाश की ओर बढता है तथा स्वाभाविक है शान्ति तो पायेगा ही। कार्यक्रम ७ व ८ अप्रेल को भी जारी रहेगा।
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