बीकानेर, ६ अगस्त। नगरपरिषद की साधारण सभा की बैठक दिनांक ४-८-२००७ में सभापति द्वारा दौराने कार्यवाही पुलिस को सदन के अन्दर बुलाने कृत्य की निन्दा करते हुवे नगरपरिषद में प्रतिपक्ष के भानु कुमार व्यास ने बताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के हितों की रक्षा के लिए तथा सदन में विचारणीय बिन्दु पर जो कि सदन को मुख्य बिन्दु पर विचार पर बहस करना सदन की बैठक का हिस्सा था। व्यास ने बताया कि अनुमोदन हेतु रखे गये प्रस्तावों पर बिन्दुवार बात कर रहे थे। जिसके प्रश्नों का उत्तर सभापति देने में असाहय थे। बहुमत के नशे में चूर सभापति हर हाल में पिछली बैठक की तरह तुरन्त-फुरन्त प्रस्तावों को पास करवाना चाहते थे परन्तु भाजपा पार्षदों को जनता के हितों के विपरीत यह कार्य मंजूर नहीं था। सभापति व सता पक्ष के पार्षदों द्वारा उतेजना का माहौल खडा करवाना उनकी सोची समझी पूर्व में रणनीति के तहत था। ऐसा प्रतीत होता है कि सभापति को सदन की व्यवस्था को संभालना चाहिए था लेकिन सभापति इस समय सदन में व्यवस्था बनाने की बजाय सदन जो कि लोकतांत्रिक मंदिर के रूप् में होता है। सदन की बात सदन के बाहर न जायें फिर भी इस लोकतांत्रिक मंदिर में सभापति द्वारा पुलिस बल बुलाना तथा सदन में पार्षदों के साथ पुलिस बल का प्रयोग करवाना अनुचित था। बीकानेर के इस लोकतांत्रिक मंदिर में पुलिस बल बुलवाकर काला अध्याय लिखडाला जो लोकतांत्रिक का गला घोंटने के समान है। प्रतिपक्ष ने कहा कि सभापति ने संविधान विपरित अलोकतांत्रित कार्य करने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा समाचार पत्रों में जारी बयान द्वारा समर्थन करना दलगत राजनीति से प्रेरित है। व्यास ने कहा कि बी.डी.कल्ला बीकानेर के विधायक है तथा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते बीकानेर की जनता को भ्रष्टाचार रहित प्रशासन देने की अपेक्षा रखती है लेकिन कल्ला द्वारा समाचार पत्रों की टिप्पणी द्वारा समर्थन देना निंदनीय एवं चिंतनीय है। भाजपा ऐसे अलोकतांत्रिक कार्य करने वाले तथा भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जनता के हितों की लडाई अनवरत लडती रहेगी।