तीनों डिस्कॉम में छीजत कम करने की संहिता लागू
6 Aug
2009
जयपुर। राजस्थान के तीनों विद्युत वितरण निगमों ने आगामी तीन वर्षों में बिजली की छीजत 14 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो अभी 26.81 प्रतिशत है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए छीजत कम करने की संहिता लागू की गई है, जिसमें लक्ष्य प्राप्ति के लिए इंजीनियरों को उत्तरदायी बनाया गया है। विद्युत वितरण निगमों के अध्यक्ष आर. जी. गुप्ता ने बताया कि गत तीन वर्षों में प्रदेश में 13.41 प्रतिशत छीजत कम की गई है। नई संहिता विद्युत वितरण निगमों को वितरण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तुरन्त प्रभाव से लागू कर दी गई है। अभी तक छीजत में कमी तकनीकी उपायों और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से करने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों को गति देने के लिए वितरण कंपनियों के कनिष्ठ अभियन्ताओं से लेकर मुख्य अभियन्ता स्तर तक के अधिकारियों व कर्मचारियों के कर्तव्य और उत्तरदायित्व निर्धारित कर दिये गये हैं, जो पूरे राज्य में छीजत कम करने की गतिविधियों का संचालन करेंगे। गुप्ता ने कहा कि छोटे से बडे इंजीनियरों को छीजत कम करने के लिए कार्य निरीक्षण करने का समयबद्घ कार्यक्रम तय कर दिया गया है और इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। संहिता में तीनों विद्युत वितरण निगमों के क्षेत्र में विभिन्न स्तर पर छीजत कम करने के लक्ष्य 14 से 20 प्रतिशत निर्धारित किये गये हैं। सम्पूर्ण डिस्कॉम क्षेत्र में छीजत में कमी का लक्ष्य जहां 14 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, वहीं सब-डिवीजन से जोन स्तर तक एच.टी. कनेक्शन को छोडकर छीजत का लक्ष्य 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। जयपुर शहर के लिए यह लक्ष्य 8 प्रतिशत और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 2 से 2.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। गुप्ता ने बताया कि छीजत कम करने के लिए 11 केवी ग्रामीण फीडर्स, जिला मुख्यालय, नगर पालिका क्षेत्र और 5 हजार से अधिक की आबादी के गांवों में निरन्तर ऊर्जा ऑडिट कराई जाएगी। इसके साथ ही यह भी ध्यान में रखा जाएगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित अवधि से अधिक खेती के लिए बिजली नहीं दी जाये और जहां अत्यधिक छीजत है, वहां कटौती लागू की जाये। इसके अतिरिक्त बिजली चोरी रोकने की गतिविधियों को बढाया जाएगा तथा खराब मीटरों को हटा कर सही मीटर लगाये जाएंगे और सिंगल और थ्री फेज के ट्रान्सफार्मर का सही उपयोग किया जायेगा।
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