जयपुर। बारहवीं पंचवर्षीय योजना अवधि में राजस्थान में बिजली की बढती मांग को देखते हुए राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम के एक हजार मेगावाट बिजली पूरे साल खरीदने के करार के लिए देश की आधा दर्जन नामी बिजली कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इन कंपनियों ने एक हजार मेगावाट की जगह 4085 मेगावाट बिजली देने के प्रस्ताव रख दिए हैं। केन्द्रीय बिजली प्राधिकरण के आकलन के अनुसार राज्य में बारहवीं योजना के अंत तक बिजली की मांग करीब 16 हजार मेगावाट तक पहुंच जाएगी। इस आकलन के बाद ही ऊर्जा मंत्री डा. जितेन्द्रसिंह के निर्देश पर प्रसारण निगम ने नए बिजलीघर लगाकर एक हजार मेगावाट बिजली देने के प्रस्तावों के लिए निविदाएं आमंत्रित की थी। गुरुवार को इन निविदाओं को खोला गया तो सामने आया कि देश की बडी कंपनियां चार गुना अधिक तक बिजली देने को तैयार हैं। विद्युत प्रसारण निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नरेशपाल गंगवार ने बताया कि राजस्थान को बिजली देने की इच्छुक कंपनियों में रिलायंस, अडानी, एस्सार, पावर ट्रेडिंग कारपोरेशन और जिंदल पावर जैसी कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के निर्घारित प्रपत्र के आधार पर निविदाएं आमंत्रित करके बिजली खरीदने के मामले में राजस्थान देश के चंद पहले राज्यों में से एक हो गया है। आज इन कंपनियों से तकनीकी क्षमता बताने के लिए आमंत्रित निविदाएं खोली गई और जल्दी ही प्रक्रिया को आगे बढाने के लिए वित्तीय निविदाएं खोली जाएंगी। बारहवीं योजनाकाल में बिजली की मांग और आपूर्ति में अंतर को पाटने के लिए प्रसारण निगम ने एक हजार मेगावाट बिजली की पूरे साल खरीद का निर्णय कर निविदाएं आमंत्रित की थी। इस प्रस्ताव के अनुसार इच्छुक कंपनिय को देश में कहीं भी बिजलीघर लगाने और राज्य को 25 साल तक निरंतर बिजली देने का प्रावधान किया गया था। ऐसी कंपनियों को कम से कम सौ मेगावाट का संयंत्र स्थापित करके बिजली देने का प्रस्ताव देना था।