बीकानेर। स्कूलों में विद्यार्थी मित्र के न्यायालय की शरण लेने के बाद उनके पक्ष में हुए फैसले के बाद उनको नये सत्र पर पुनः नियुक्ति देने के बाद विद्यार्थी मित्र संगठन ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री को पत्र प्रेषित कर उनके वेतन में आ रही समस्या के संबंध में पत्र प्रेषित करते हुए उसकी प्रति शिक्षा विभाग को भी प्रेषित की जिसमें लिखा कि इस महंगाई के दौर में जहां उन्हें वेतन के अभाव में जीवनयापन करना मुश्किल हो रहा है जबकि कई विद्यार्थी मित्रों को स्कूलों में शिक्षकों के विपरीत लगा रखा है फिर भी उनको इस समस्या से जूझना पड रहा है। संगठन ने पत्र में उल्लेख किया कि शिक्षा विभाग ने उनके लिए बजट भी उपलब्ध करवा दिया है फिर भी उन्हें वेतन नहीं मिलने से निराशा हाथ लगी है। इस संबंध में निदेशक शिक्षा निदेशक से संपर्क किया और वस्तुस्थिति से अवगत करवाया। साथ ही विद्यार्थी मित्र अपनी ड्यूटी के साथ शिक्षा विभाग के भी चक्कर लगाते हैं जबकि उनका वेतन मिलना हक होते हुए भी उन्हें दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर होना पड रहा है। संगठन ने उल्लेख किया कि विद्यार्थी मित्र को हटाने के बाद उनकी विकट स्थिति हो गई फिर उन्होंने न्यायालय की शरण ली जिस पर न्यायालय ने आदेश दिया कि उन्हें नये सत्र के दौरान पुनः नियुक्ति दी जाए उसके बाद भी वेतन के लिए उन्हें तरसना पड रहा है जो कि न्यायोचित नहीं है। उन्हें नये सत्र में लगे सभी विद्यार्थी मित्रों को वेतन में आ रही समस्या से निजात दिलवाने की मांग की।