बीकानेर। वरिष्ठ पत्राकार शेखर सक्सेना का हद्यघात के कारण 75 वर्ष की आयु में देहावसान हो गया। रविवार को परदेसियों की बगीची में अंत्येष्टि में गणमान्य नागरिकों,पत्राकारों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर उनको अंतिम विदाई दी। प्रख्यात साहित्यकार और लेखक स्व.शंभूदयाल सक्सेना के दूसरे पुत्र शेखर सक्सेना का जन्म 1934 में फर्रूखाबाद जिले के अलीगढ में हुआ । उन्होंने बीकानेर में अपने पिता द्वारा स्थापित पुस्तक और प्रकाशन समूह नवयुग ग्रंथ कुटीर के कार्यों को आगे बढाया। उन्होंने राज्य के प्रतिष्ठित साप्ताहिक पत्र ‘सेनानी‘ का 1952 से 1971 तक संपादन कार्य किया। इसके बाद एक पत्र साप्ताहिक गणराज्य के 1971 से 1998 तक प्रकाशन एवं संपादन कर लगभग पांच दशक तक राज्य की पत्राकारिता जगत में अपना विशिष्ट योगदान किया। वे राज्य संगीत नाटक अकादमी और राज्य स्तरीय पत्रकार अधिस्वीकरण समिति के सदस्य रहे। वे सीमान्त पत्राकार संघ और नेशनल थियेटर से भी सम्बद्ध रहे।उनके परिवार में पत्नि विमला के अलावा दो पुत्र व दो पुत्रियो का भरापूरा परिवार है। पत्रकार सक्सेना के निधन पर अनेक संगठनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक नेक इंसान व आत्मीय प्रिय व्यक्ति बताया।
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