जयपुर। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री रामलाल जाट ने आम जन का आव्हान किया है कि जो पौधे इस मानूसन में लगाए गए हैं, उनके संरक्षण के लिए भी सभी स्तरों पर प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि वन विभाग के साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थाओं एवं आम जन की सहभागिता से ‘हरित राजस्थान’ के अंतर्गत अगस्त माह तक राज्य के करीब 50 हजार हेक्टयेर क्षेत्र में 2.05 करोड पौधे प्रदेश में लगाए गए हैं। सडकों के किनारे भी करीब 400 रोड कि.मी. में 45 हजार के करीब पौधे अब तक लगाये जा चुके हैं। जाट आज यहां मोतीडूंगरी रोड स्थित मालियों की बगीची में ‘हरित राजस्थान’ अभियान के तहत पौधारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि राज्य में भूमिगत जल का स्तर निरंतर नीचे जा रहा है। राज्य के 237 ब्लॉक में से 207 ब्लॉक डार्क जोन में तब्दील हो चुके हैं। यह स्थिति इसलिए हुई है कि हमारे यहां वन क्षेत्र निरंतर कम होता चला गया है। उन्होंने कहा कि वर्षा की कमी भी पेड पौधों की कमी के कारण होती है। ऐसे में मुख्यमंत्री गहलोत की पहल पर प्रारंभ ‘हरित राजस्थान’ के जरिए राजस्थान को हरा-भरा करने में सभी को समान रूप से भूमिका निभानी चाहिए। जाट ने कार्यक्रम में स्थानीयजनों को अशोक, कचनार आदि के पेड वितरित करते हुए कहा कि इन्हें लगाने के साथ ही साथ समय पर पानी देने और इनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उठाएं। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली में पर्यावरण मंत्रियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री गहलोत की पहल पर प्रारंभ ‘हरित राजस्थान’ अभियान की विशेष रूप से सराहना की गयी है। उन्होंने कहा कि वन मंत्री के रूप में उन्होंने देशभर में ‘हरित राजस्थान’ की तर्ज पर ‘हरित भारत’ अभियान चलाए जाने पर जोर दिया था। सुखद बात यह है कि अब इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। अन्य राज्यों में भी हरियाली के लिए युद्घ स्तर पर प्रयास प्रारंभ हो गए हैं। समारोह में प्रमुख समाजसेवी रामस्वरूप चंदेल एवं नरेन्द्र चन्देल ने ‘हरित राजस्थान’ का अनूठा कार्यक्रम बताते हुए कहा कि इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतरी के कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों को पेड लगाने और उनके संरक्षण के लिए आगे आकर कार्य करने पर जोर दिया। पार्षद शीला सैनी, हरिसिंह तंवर आदि ने भी इस मौके पर विचार रखे। जाट ने पूर्व में बगीची में पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाएं यदि निरंतर आगे आकर इसी तरह से कार्य करती रहेंगी तो राजस्थान को शीघ्र ही हरा-भरा कर दिया जाएगा।