सैनिकों के कल्याण में आम नागरिक सहयोग करें
6 Dec
2007 सैनिक कल्याण मंत्री श्री रामनारायण डूडी ने कहा ह कि सशस्त्र सेना झण्डा दिवस हमें देश के रण-बांकुरों, भूतपूर्व सैनिक तथा उनके आश्रितों के प्रति समाज एवं राष्ट्र के कर्तव्य का स्मरण कराता है।
जयपुर, ६ दिसम्बर। सैनिक कल्याण मंत्री श्री रामनारायण डूडी ने कहा ह कि सशस्त्र सेना झण्डा दिवस हमें देश के रण-बांकुरों, भूतपूर्व सैनिक तथा उनके आश्रितों के प्रति समाज एवं राष्ट्र के कर्तव्य का स्मरण कराता है।
श्री डूडी ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर जनता के नाम अपने सन्देश म कहा ह कि राष्ट्र की सुरक्षा में हमारी सशस्त्र सेनाओं के शौर्य एवं साहस तथा त्याग का इतिहास गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओंे के सभी अंग शान्ति के समय राष्ट्र निर्माण एवं समाज सेवा, युद्ध के समय साहस तथा प्राकृतिक आपदा व आंतरिक संकट के समय कर्तव्य निष्ठा से अपने दायित्व का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सेवा के लिये समर्पित सनिकों का मनोबल ऊंचा बनाये रखने हेतु उन्हें हमें यह भरोसा दिलाना चाहिए कि शौर्य, त्याग और देश की रक्षा के लिये उनके जज्बों को जनता भूली नहीं है। उन्होंने दिवगंत सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए भूतपूर्व सनिकों का आह्वान किया कि देश व प्रदेश के विकास एवं समाज सेवा के कार्यक्रमों म समर्पण भावना से अपनी सक्रिय भागीदारी का निर्वहन करें। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से भी शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के लिये खुले हाथों से योगदान का आह्वान किया है। सैनिकों के कल्याण के लिए भामाशाह बनकर योगदान करें
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने कहा है कि सशस्त्र सेना झण्डा दिवस आम नागरिक को यह प्रेरणा देता है कि देश के शहीदों को नमन करें तथा सभी सेनानियों एवं वीरांगनाओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें।
श्रीमती राजे ने जनता के नाम अपने संदेश में कहा कि राष्ट्र सेवा के लिये समर्पित सैनिकों का मनोबल ऊंचा बनाये रखने हेतु उन्हें यह भरोसा दिलाया जाना चाहिये कि शौर्य, त्याग और देश की रक्षा के लिए उनके जज्बे को जनता भूली नहीं ह। उनके प्रति लोगों के मन में अटूट श्रद्धा एवं सम्मान है। पूरा देश एवं प्रदेश उनके साथ है ओैर उनके दुःख को खत्म करने के लिये उनके पीछे खडा है।
देश के रक्षकों के प्रति अपनी निष्ठा का इजहार करते हुए उन्होंने तन, मन, धन से सैनिकों के कल्याण कार्य में सहयोग देने हेतु जनता का आह्वान किया और भामाशाह बनकर उनके कल्याण के लिये योगदान का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि आम जनता में देश के रणबांकुरों एवं उनके आश्रितों के प्रति जिम्मेदारी का अहसास जगाना बहुत जरूरी है। सशस्त्र सेना झण्डा दिवस ७ दिसम्बर इस लिहाज से एक यादगार दिन है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सैनिकों के कल्याण के लिये यथासामर्थ्य अधिक से अधिक दान करें ताकि गौरवशाली सैनिकों व वीरांगनाओं से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का अमलीजामा पहनाया जा सके। राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष श्री प्रेम सिंह बाजर ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर आम जनता आह्वान किया है कि वे शहीद बहादुर जवानों के आश्रितों के लिये अपने हाथों से अधिक से अधिक योगदान करें।
श्री बाजौर ने इस मौके पर जनता के नाम अपने सन्देश में कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में हमारी सशस्त्र सेनाओं का शौर्य एवं साहस तथा त्याग का इतिहास गौरवशाली रहा ह। उन्होंने कहा कि यह दिवस हम सबको देश के रणबांकुरों, भूतपूर्व सनिकों और उनके आश्रितों के प्रति समाज एवं राष्ट्र के कर्तव्य का स्मरण कराता है।
उन्होंने दिवंगत सैनिकों को श्रद्धांजली अर्पित करते हुये सभी भूतपूर्व सनिकों का देश व प्रदेश के विकास एवं समाज सेवा के कार्यक्रमों में समर्पण भावना से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है।