वीडियो कान्फ्रेंस में छाई कोटा साडी
6 Dec
2007 मुख्यमंत्री की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से रूबरू होने के लिए आज आयोजित वीडियो कान्फ्रेंस में कोटा साडी छाई रही। कैथून एवं सुल्तानपुर आदि की बुनकर महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा मुख्यमंत्री के आग्रह पर हथकरघे पर बुनी गई कोटा साडी दिखाने की होड लग गई।
जयपुर, 6 दिसम्बर। मुख्यमंत्री की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से रूबरू होने के लिए आज आयोजित वीडियो कान्फ्रेंस में कोटा साडी छाई रही। कैथून एवं सुल्तानपुर आदि की बुनकर महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा मुख्यमंत्री के आग्रह पर हथकरघे पर बुनी गई कोटा साडी दिखाने की होड लग गई। एक से एक बढकर आरा-तारी के कार्य की कोटा साडी को देखकर मुख्यमंत्री प्रशंसा किये बिना नहीं रह सकी।
कैथून के महिला बुनकर स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती कमरूनिशा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अप्रेल,२००७ में विपणन केन्द्र के रूप में महिला स्वयं सहायता समूह की दुकान का उद्घाटन किया था। इस दुकान से ६० से ७० हजार रूपये की बिक्री प्रतिमाह होने लगी है। मुख्यमंत्री ने खरीदी कोटा साडी बुनकर महिलाओं को ही नहीं वरन् जिले के ग्रामीण क्षेत्रें से वीडियो कान्फ्रेंस में पहुंची करीब ५०० महिलाएं यह देखकर अचम्भित हो गई कि आज के युग में किस प्रकार जयपुर में बैठकर कोटा से कोटा साडी भी खरीदी जा सकती है। वीडियो कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री को सुल्तानपुर की बुनकर फरीन द्वारा बनाई गई नीले रंग की खूबसूरत साडी इतनी आकर्षक लगी कि उन्होंने १५०० रूपये में ऑन लाईन इस साडी को खरीदकर महिला स्वय सहायता समूह का हौसला बढाया।
यही नहीं उन्होंने रानपुर के स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती पिंटू केवट द्वारा दिखाई गई बन्दरवार इतनी पसन्द आई कि उन्होंने हाथों हाथ इसे भी २०० रूपये में खरीद लिया।
मुख्यमंत्री ने ऑन लाईन खरीदी गई इन दोनों ही वस्तुओं के दाम अदा करने एवं दोनों सामान उनके पास पहुंचाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक को कहा। बडी साहसी हो, मेरे से मिलो-मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे आज कोटा में वीडियो कान्फेरंस से महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा करते हुए बावडीखेडा गांव के कृष्णा स्वयं सहायता समूह की चन्द्रकला के जवाबों से इतनी प्रभावित हुई कि उन्होंने कहा ’’बडी साहसी हो, मेरे से आकर मिलो‘‘।
मुख्यमंत्री को चन्द्रकला ने बेबाक होकर अपने समूह की खुशहाली की जानकारी देते हुए जब यह बताया कि उनके समूह का बैंक में खाता नहीं खुल रहा था तो उन्होंने बैंक मैनेजर से कहा था ’’ हमारा खाता खोलो, फिर बताते हैं हम क्या हैं‘‘। मुख्यमंत्री ने जब उनसे किसी प्रकार की कठिनाई के बारे में पूछा तो उन्होंने पूरे जोश के साथ जवाब दिया ’’ महिलाएं आगे आई हैं, काम शुरू किया है तो कठिनाई भी आयेंगी, अब कठिनाईयों से क्या डरना हम मुकाबला कर हिम्मत के साथ मुकाम तक पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री को अपने समूह की सफलता की दास्तां सुनाते हुए चन्द्रकला ने बताया कि उनके समूह में ११ महिलाएं हैं जो दूध डेयरी का व्यवसाय कर अपने पैरों पर खडी हो रही हैं। उनके समूह को तीन बार में ८५ हजार रूपये का ऋण मिला है और प्रत्येक सदस्य ने दो-दो भैंसें खरीदी हैं। प्रतिदिन सुबह-शाम १०-१० लीटर दूध होता है जिसकी बिक्री से प्रत्येक महिला को मासिक रूप से करीब ६ हजार रूपये तक की आमदनी होती है। इसमें से समूह की सदस्य प्रतिमाह अपनी किश्त नियमित रूप से जमा करा रही हैं। मुख्यमंत्री के पूछने पर उसने बताया कि वह अपनी छः साल की लडकी को गांव में रहकर भी पढने के लिए शहर भेजती है। मुख्यमंत्री ने उसे बच्ची का बाल विवाह नहीं करने की सलाह दी तो उसने तपाक से उत्तर दिया कि वह पहले अपनी लडकी को शिक्षित करेगी और १८ साल की होने के बाद ही शादी के बारे में सोचेगी।
चन्द्रकला के समान ही उर्मिला, पिंकी रानी, नसीम आदि करीब दो दर्जन से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मुख्यमंत्री से रूबरू होकर अपने समूह की गतिविधियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।