बीकानेर, आबकारी एवं पर्यटन मंत्री देवी सिंह भाटी ने कहा कि शिक्षित बेरोजगारों,कुशल एवं अकुशल युवाओं को रोजगार से जोडने की दिशा में प्रयास किये जा रहे है। सभी को सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती। इसके लिए निजी क्षेत्रों में नौकरी देने के प्रयास हुए है।
भाटी बुधवार को मुख्यमंत्राी आजीविका प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज मैदान में आयोजित एक दिवसीय ‘बीकाणां रोजगार सहायता शिविर‘ में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकारी रोजगार अवसर कम हो रहे है और निजी क्षेत्रा विकसित हो रहे है। ऐसे में निजी क्षेत्रा का लाभ बेरोजगारों को मिले,इसके प्रयास राज्य सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर युवाओं को रोजगार नही मिला,तो वे भटक सकते हैं। राज्य सरकार ने युवा वर्ग को हताशा से रोकने के लिए निजी क्षेत्रों में रोजगार दिलाने के लिए रोजगार शिविर आयोजित कर रही हैं। इन शिविरों में बडी-बडी कम्पनियों को आमंत्रिात करके युवा को योग्यता के अनुसार रोजगार सुभल कराने के प्रयास हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्राी का प्रयास है कि अगले दो वर्ष में राजस्थान में कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहे।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए श्रम एवं नियोजन मंत्री राम किशोर मीणा ने युवाओं से कहा कि रोजगार आफ द्वार आया हैं। इसका भरपूर लाभ उठाये। उन्होंने कहा है कि युवा में अपार क्षमता एवं शक्ति हैं। इन्हें समय पर अगर काम नहीं दिया गया तो इस शक्ति का गलत प्रयोग हो सकता हैं। मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुन्धरा राजे ने निजी क्षेत्रा में रोजगार दिलाने के लिए एक कार्य योजना के तहत कार्य शुरू किया है। योजनानुसार राज्य के विभिन्न जिलो में रोजगार सहायता शिविर आयोजित हुए हैं। विश्वकर्मा अंशदायी बीमा योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस शिविर में पांच से आठ हजार लोगों को नीजि क्षेत्रा में रोजगार मिलने की संभावना हैं।
श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रमुख शासन सचिव ललित के.पंवार ने रोजगार सहायता शिविरों के उद्ेश्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि आज लगे शिविर में करीब १५० निजी कंपनियां आई है। कक्षा आठ से दसव पास युवा कोई भी बेरोजगार नहीं रहेगा। उनकी योग्यता के आधार पर उन्हें काम मिलेगा। उन्होंने बताया कि सीकर में आयोजित शिविर म १५ हजार से अधिक युवा पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि सुथार से लेकर उच्च तकनीक प्राप्त युवा इन शिविरों से लाभान्वित हुए है। सीकर में लगे शिविर में सोलह सुथार और बाडमेर में लगे शिविर में दो सुथार का चयन कनाडा में रोजगार के लिए हुआ है। इस अवसर पर विभाग के निदेशक सी.बी.शर्मा ने भी विचार व्यक्त किये।