बीकानेर, भारतीय साइक्रेटिक सोसायटी 24वीं वार्षिक कांफ्रेंस 12 से 13 सित. तक पीबीएम चिकित्सालय के मनोरोग विभाग द्वारा जिरियाटिक अस्पताल एवं रिसर्च सेन्टर में आयोजित होगी। कार्यक्रम में देशभर से मानसिक रोग चिकित्सक शोधार्थी अन्य चिकित्सक और मेडिकल विद्यार्थी भाग लेंगे। पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए डॉ.वी.के. जैन ने बताया कि कांफ्रेंस की थीम ग्रोविंग इन डिफरेंस इन कल्चरल एण्ड सोशल वैल्यूजः ए चैलेंज टू साइक्रेटिस्ट रखी गयी है, जिसमें अनेक सत्रों के अंतर्गत विद्वानों ने व्याख्यान समूह चर्चा, स्मारिका का प्रकाशन, आम जनता के साथ देश भर से आये अनुभवी मनोरोग चिकित्सकों के साथ संवाद, वैज्ञानिक सत्र, शोध पत्र प्रस्तुतिकरण और पुरस्कार समारोह, जनरल बॉडी बैठक आदि कार्यक्रम आयोजित होंगे। 12 सितम्बर को कांफ्रेंस में भारतीय महिला का उसकी महत्वाकांक्षाओं और समाज द्वारा उसके प्रति आकांक्षाओं के मध्य सौहार्द कायम करने की चुनौतियां विषय पीयूसीएल राजस्थान की महासचिव सुश्री कविता श्रीवास्तव व्याख्यान देंगी। उसके पश्चात भारतीय दण्ड संहिता में इंलेजीटीमेंट गर्भ धारण की वर्तमान स्थिति विषय पर वरिष्ठ अधिवक्ता रामकृष्ण दास गुप्ता का व्याख्यान होगा। इसी क्रम में विवाह मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं के विवाह से संबंधित कानून मुद्दे विषय पर डॉ.इन्द्रा शर्मा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष आईएमएस बनारस हिन्दू विवि डॉ.मधु निझावन का इललेजीटीमेट गर्भावस्था एवं जन्म की मनो सामाजिक समस्याएं डॉ.के.के. पाठक, आईएएस, जिला कलक्टर चूरु का संस्कृति मूल्य और अधिकार एवं मानवीय दृष्टिकोण डॉ.शिव गौतम, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, मानसिक रोग विभाग एस.एम.एस. अस्पताल जयपुर भारतीय युवाओं में वर्तमान मनोवैज्ञानिक समस्याएं विषय पर अपना व्याख्यान देंगे। इसी दिन अवार्ड सत्र के अंतर्गत गहलोत अवार्ड, कोटा अवार्ड, गौतम ओरेशन अवार्ड, द सोलंकी अवार्ड हेतु पत्रवाचन एवं पुरस्कार प्रदान किए जायेंगे। डॉ.के.के. वर्मा ने बताया कि किशोरों में नशे की प्रवृत्ति के सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव विषय पर डॉ.आर.सी. जिलोहा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष जी.बी. पंत अस्पताल नईदिल्ली का व्याख्यान आयोजित किया जायेगा। बीकानेर के आम नागरिकों के साथ देशभर से आये मनोचिकित्सकों के साथ खुला चर्चा सत्र आयोजित किया जायेगा, जिसमें कोई भी व्यक्ति मनोरोग से जुडी किसी भी प्रकार की समस्या पर विद्वान मनोरोग चिकित्सकों के साथ चर्चा कर सकेंगे। अब तक 70 जनों का पंजीयन हो चुका है।