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धरणीधर महादेव मंदिर में खुलेगा संस्कृत महाविद्यालय
8 Mar 2007

श्रीमद् भागवत कथा में श्रद्धालुओं का सैलाब,  श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्म


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बीकानेर ९ मार्च । धर्म नगरी बीकानेर के श्रीरामसर रोड स्थित धरणीधर महादेव मंदिर में महामण्डलेश्वर स्वामी श्री प्रखरजी महाराज के सानिध्य में आयोजित श्री लक्षचण्डी महायज्ञ में चल रहे श्रीमद् भागवत, संत समागम, सुंदर काण्ड पाठ, रासलीला में श्रद्धालुओं का ताता लगा हुआ है। धरणीधर महादेव मंदिर में संस्कृत महाविद्यालय का मुहूर्त महामण्डलेश्वर स्वामी श्री प्रखरजी महाराज ने किया। यज्ञ स्थल पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में श्रद्धालुओं के भारी संख्या में आने से पाण्डाल छोटा पडने लगा जिसे बाद में विस्तार दिया गया। महायज्ञ समिति के महामंत्री रामकिशन आचार्य ने बताया कि आज धरणीधर महादेव मंदिर के निज हाल मे सभा सम्पन्न हुई। सभा में महामण्डलेश्वर स्वामी श्री प्रखरजी महाराज ने धरणीधर मंदिर में प्रखर परोपकार मिशन धरणीधर संस्कृत महाविद्यालय शुरू करने की घोषणा की व गुरूवार को इस प्रस्तावित महाविद्यालय का मुहूर्त किया । इस अवसर पर प्रखरजी महाराज ने कहा कि संस्कृत व वेदों का ज्ञान ही ब्राह्मण का गहना है। संस्कृत के अध्ययन अध्यापन से ही धर्म की रक्षा हो सकती है। प्रखरजी का कहना था की इस महाविद्यालय में ब्राह्मण पुत्र संस्कृत व वैदिक ज्ञान प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर सर्वेसरजी महाराज ने कहा कि धर्म की रक्षा करने से सब कार्य सिद्ध होते है। श्रीधरजी महाराज ने कहा कि धर्म के बिना परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो सकती । निराकार परमात्मा धर्म की रक्षा के लिए सगुण रूप धारण करते है। इस अवसर पर धरणीधर मंदिर से जुडे रामकिशन आचार्य ने सभा में कहा कि प्रखरजी महाराज की यह घोषणा स्वागत योग्य है। धरणीधर ट्रस्ट इस प्रस्तावित महाविद्यालय के संचालन में अपनी और से पूर्ण सहयोग करेगा। इस अवसर पर महायज्ञ समिति से जुडे सुभाष मित्तल, मधुसुदन आसोपा, मनमोहन कल्याणी , राजेश चूरा, चिरजीगुरू, तोलाराम पेडिवाल, श्री धर शर्मा, गिरिराज बिस्सा, सत्यनारायण आचार्य सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे। महायज्ञ स्थल पर कोलकाता के पण्डित श्री कान्त शर्मा ने श्रीमद् भागवत कथा में चौथे दिन कहा जनता जिसे चुने वो संसद में जाता है लेकिन जिसे लक्ष्मीनारायण चुनते है वो सत्संग में आता है। कथा में नाम महातम बताते हुए व्यास जी ने कहा नाम कहदो या नाव कहदो एक गंगा पार कराती है तो दूसरा भवसागर पार कराता है। व्यासपीठ पर विराजमान श्रीकांतजी ने कहा देवता अंहकार के कारण भगवान को प्रकट नहीं कर सके। प्रहलाद ने भगवान को खंभ से प्रकट कर दिया। डूबते को ईश्वर का ही सहारा है। कथा में कृष्ण जन्म पर नंद के आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की से पाण्डाल गूंज उठा। शुक्रवार को कथा में गिरिराज एवं कृष्ण लीला पर कथा कही जायेगी। श्रीमद् भागवत कथा में श्रद्धालुओं की बढती संख्या के कारण पहले से गया । यज्ञशाला में यज्ञ के आचार्य पं. लक्ष्मीकान्त दीक्षित के सानिध्य में सभी यजमानो ने यज्ञ मण्डप में सभी आवाहित देवताओं का पूजन किया। यज्ञ मण्डप में होने वाले हवन के दौरान दान करने की श्रद्धालुओं में होड सी मची हुई है। श्रद्धालु भक्त अपने पूरे परिवार के साथ महायज्ञ की परिक्रमा के साथ दान कर पुण्य के भागीदार बन रहे है। यज्ञ की आरती के समय श्रद्धालुओं की संख्या प्रतिदिन बढती जा रही है। रास लिला में बुधवार को गोपाल भक्त की कथा का मंचन किया गया। यज्ञ में आये हुए दर्शनार्थियों की सेवा में बाबा रामदेव युवा विकास मंच के कार्यकर्ता जी जान से सेवा में जुटे हुए है। वहीं महायज्ञ की सामग्री के भण्डार की व्यवस्था आशापुरा सेवा समिति व अन्य सहयोगी संस्थाएं कर रही है। कोठारी मेडिकल रिसर्च सेन्टर की ओर से लगाये गये शिविर में यज्ञ स्थल पर निशुल्क चिकित्सा सेवा दी जा रही है। वही दवाईयों को मुफ्त वितरण भी किया जा रहा है। विशाल यज्ञ स्थल के चारों ओर श्रद्धालु भक्तो के लिए पेयजल की माकुल व्यवस्था की गई है। यज्ञ स्थल के चारों ओर श्रद्धालु भक्तों के लिए पेयजल की माकुल व्यवस्था की गई है। यज्ञ स्थल पर लगे धार्मिक पुस्तकों व रूद्राक्ष को लेकर भी श्रद्धालुओं में रूचि दिखाई दे रही है।




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