सरकार के तमाम दावों और कोशिशों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज महिलाओं को आरक्षण का तोहफा नहीं मिल पाया। सदन के भीतर और बाहर विरोधियों के भारी हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही लगातार पांच बार स्थगित हुई। बिल पेश होने के बावजूद आखिरकर सरकार को विरोधियों के आगे झुकते हुए कदम वापस खींचना पडा। महिला आरक्षण बिल पर अब आज वोटिंग नहीं कराई जाएगी।इससे पहले सदन की मर्यादा आज उस समय तार-तार होती नजर आई जब, महिला आरक्षण विधेयक की खिलाफत कर रहे विराधियों ने सभापति हामिद अंसारी के साथ छीना-झपटी करते हुए बिल की प्रतियां फाड दी। संसदीय इतिहास में पहली बार संसद को शर्मसार करने वाला इस तरह का असंसदीय व्यवहार किया गया है। भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच सरकारी की ओर से कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने जैसे ही महिला आरक्षण बिल को सदन के पटल पर रखा, विधेयक का विरोध कर रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सभापति हामिद अंसारी के असान तक जा पहुंचे। राजद सांसद सुभाष यादव व राजनीति सिंह और सपा सांसद कमाल अख्तर ने हामिद अंसारी से छीना-झपटी करते हुए बिल की प्रतियां छीन लीं और उसे फाडकर सदन में लहरा दिया।