पीछले तीन दिनों से 24 घन्टे की नो एन्ट्री बीकानेर व्यापार जगत मे एक प्रकार से ठहराव सा ला दिया है। पुलिस विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद कोई भी ट्रक बीकानेर की फैक््रीयों तक न पहुच नही रहा है जिससे व्यापार उद्योग जगत पिछले तीन दिनों से जबर्दस्त प्रभावित हो गया है। पिछले तीन दिनो मे ना माल का लदान हो रहा है और ना ही माल फैक्ट्रीयों तक पहुंच रहा है।
इस आदेश को बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल का एक प्रतिनिधि मंडल बीकानेर के पुलिस अधीक्षक से मिला और मंडल सचिव कन्हैयालाल बोथरा ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि पूरे हिन्दुस्तान में कहीं भी ऐसा नियम नही है और राजस्थान मे भी किसी भी शहर में ऐसा कोई नियम नही है जिसमे २४ घंटे की नो एन्ट्री हो। बोथरा ने कही विश्व व्यापी आर्थिक मंदी को देखते हुए इस तरह के आदेश व्यवहारिक नजर नहीं आते है। और इससे बीकानेर की आर्थिक जगत बुरी तरीके से प्रभावित हो रहा है। हजारों श्रमिक भी बेरोजगार होने की स्थिति में आ जायेंगे।
बोथरा ने पुलिस अधीक्षक से मांग कि बीकानेर में आने वाले ट्रकों को रात्रि दस बजे से सुबह छः बजे तक आने की इज्जात दी जावे। उन्होने कहा कि बीकानेर में वे ही ट्रक आने के लिए अधिकृत है जिसके पास बीकानेर के औद्योगिक एवं व्यापारिक फैक्ट्रीयों का बिल, बिल्ट्री एंव बीजक होगा और पंजाब, हरियाणा एवं अन्य राज्यों के ट्रकों को सीधे बाईपास से भिजवाने का सुझाव दिया। इसके अलावा बीछवाल, अनाज मंडी, करणी औद्योगिक क्षेत्र, कोलायत, गजनेर से जो ट्रक आते है उनको उरमूल सर्किल से दोपहर बारह बजे से सायं चार बजे तक पुलिस सुरक्षा में गन्तव्य स्थान पर पहुचाने की भी मांग की।
बोथरा ने जारी बताया कि पुलिस अधीक्षक ने सारी स्थिति को समझते हुए बताया कि बीकानेर में सडकों में जहां जहां टर्निंग पोईट है वहां डिवाईडर नहीं लगने की वजह से ट्रकों के तेज रफ्तार से चलने पर पाबंदी नही ंहोती है इसलिए जोधपुर बीकोनर मार्ग जयपुर बीकानेर और कोलायत बीकानेर के एन्ट्री पोंईट पर डिवाइडर लगाने के लिए नगर निगम के महापौर मकसूद अहमद से बात की और उन्होने सारी सडकों का मौका मुयाना कर दो दिन में डिवाईडर का कार्य पूर्ण करना का कहा। दो दिन में पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देश अनुसार मुख्य सडकों पर डिवाईडर लगाने की स्वीकृति दी।
पुलिस अधीक्षक ने रात्रि दस से सुबह छः बजे तक नो एन्ट्री खोलने एवं उरमूल सर्किल से दोपहर बारह बजे से सायं चार बजे तक ट्रकों के आवागमन के लिए शीघ्र ही आदेश प्रदान करने की बात कही।
प्रतिनिधि मंडल में मंडल सचिव कन्हैयालाल बोथरा, मोहन खां, सत्यनारायण हर्ष, मखन्न लाल अग्रवाल, चम्पालाल गेदर, राधेश्याम किंगर इत्यादि थे।