ग्रामीण कलाकारों ने हुनर की धूम मचायी
8 Sep
2007
साक्षरता दिवस समारोह में रंगारंग प्रस्तुतियों ने मन मोहा
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Navratri Special on

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बांसवाडा, ८ सितम्बर/अन्तर्रा ष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में बांसवाडा के माही क्लब में शनिवार को आयोजित जिलास्तरीय समारोह में ग्रामीण कलाकारों ने ढोल-ढमकों और लोक वाद्यों की धुनों पर अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से रसिकों का मन मोह लिया।
समारोह में घाटोल ब्लॉक के प्रेरकों के दल ने घुंघरूओं की खनकार और ढोल की लय पर मनोहारी लोक नृत्य प्रस्तुत कर श्रीकृष्ण और माव रास लीला के उत्सव का स्मरण करा दिया। इनमें आकर्षक परिधानों म सुसज्जित बंसुरी वादन में रत कृष्ण और गोप-गोपिेकाओं के नृत्य, तीव्र अदा परिवर्तन और मुग्धकारी भाव-भंगिमाओं ने आनंद की वृष्टि कर दी। नर्तकों के घुंघरूओं की खनकार पूरे हाल में गूंजती रही। इन कलाकारों ने घूमर करते हुए नृत्य अदाओं पर खूब वाह-वाही लूटी।
इसी प्रकार महिला कलाकारों केसर व दल ने ढोल-ढमकों के तेज नादों के बीच घूमर नृत्य पेश कर माहौल में उत्सवी रंग उण्डेल दिए। इन आदिवासी बालाओं ने अपने हुनर से पारंपरिक वनवासी लोक संस्कृति को रूपायित कर दिया।
कालबेलिया नृत्य ने ला दिया मजा
समारोह में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय चन्द्रपोल की छात्राओं ने ’काल्यो कूद पड्यो मेला मां‘ के बोल पर राजस्थानी कालबेलिया नृत्य पेश किया। इन बालिकाओं के नर्तन कौशल ने अतिथियों और संभागियों को मुग्ध कर दिया। इसी विद्यालय की छात्राओं ने सुमधुर गीत भी पेश किया। आनन्दपुरी क्षेत्र के कलाकार थानेश्वर ने बांसुरी वादन के साथ ही वागडी गीत गाया।
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