बीकानेर, बजसि रामपुरिया जैन विधि महाविद्यालय को राज्य सरकार द्वारा स्थायी मान्यता प्रदान की गई है। निरन्तर विकास की और अग्रसर हो रही महाविद्यालय में सन् १९७३ में विधि संकाय की स्थापना की गई। १९७३ से २००६ तक महाविद्यालय में विधि विषय एक संकाय के रूप में चल रहा था। महाविद्यालय के शैक्षणिक इतिहास को आगे बढाते हुए अलग से विधि महाविद्यालय स्थापित होने के बाद बार काउसिल ऑफ इण्डया, राज्य सरकार के आदेशों की पालना करते हुए। यह महाविद्यालय जयनारायण व्यासनगर में स्थापित किया गया, मंगलवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुये प्राचार्य डॉ बिठ्ठल बिस्सा ने बताया कि पृथक विधि महाविद्यालय भवन में छात्रों के शैक्षाणिक उन्नयन हेतु वो सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवायी गई। जो उच्च शिक्षा के लिए जरूरी है। ओम कुलरिया ने बताया कि महाविद्यालय के शानदार शैक्षणिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए। राज्य सरकार ने वर्तमान सत्र २००९-१० में महाविद्यालय को स्थायी अनापती प्रमाण पत्र जारी किया है। जो महाविद्यालय के लिए गौरव की बात है। उन्होनें बताया कि बजसि रामपुरिया जैन विधि महाविद्यालय बीकानेर का एक मात्र महाविद्यालय है। जिसे राज्य सरकार द्वारा विधि शिक्षा के क्षेत्र में स्थाई मान्यता मिली है।