लखनऊ। उत्तरप्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने सीतापुर जिले में अपनी जान जोखिम में डालकर सोमवार रात को पायलट को अंधेरे में ही हेलीकाप्टर उतारने को विवश कर दिया। इस बीच, राहुल पायलट पर दबाव डालकर हेलीकाप्टर उतरवाने संबंधी खबरों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि न तो नियमों की अनदेखी की गई और न ही मैंने पायलट पर कोई दबाव डाला। उधर, हेलीकाप्टर लैंडिग एवं राहुल के बगैर बुलेटप्रूफ कार से सफर करने की विस्तृत रिपोर्ट सीतापुर जिला प्रशासन ने प्रदेश शासन को भेज दी है। दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को राहुल ने कहा कि मैंने कभी किसी भी तरह से सुरक्षा नियमों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है और इस बात की तस्दीक मेरी सुरक्षा में लगे एसपीजी अधिकारियों से भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मीडिया में आई यह खबरें सरासर बेबुनियाद है कि सोमवार को उन्होंने पायलट पर दबाव डाल कर खराब रोशनी के बावजूद हेलीकाप्टर उतरवाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा. रीता बहुगुणा जोशी के इस बयान पर कि राहुल गांधी ने जनता से मिलने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने के लिए खतरा उठा कर खराब रोशनी के बावजूद हेलीकाप्टर उतरवाया, राहुल ने कहा कि हमारी प्रदेश अध्यक्ष पायलट नहीं हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मेरा लक्ष्य उत्तर प्रदेश की राजनीति में बदलाव लाना और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को राजनीति में लाना है। राहुल ने कहा कि मैं युवाओं के लिए काम करने आया हूं। मुझे उत्तर प्रदेश के भविष्य की चिंता है।