दिल्ली के प्रगति मैदान में 12 हजार वर्गमीटर में ऑटो एक्स्पो का आयोजन हो रहा है। इस मेले में ऑटोमोबाइल उद्योग से जुड़ी 2000 कंपनियाँ भाग ले रही है। इसमें 60 प्रतिशत भारतीय और 40 प्रतिशत विदेशी भागीदार है। मेला 17 जनवरी तक चलेगा। देश के ऑटोमोबाइल उद्योग की प्रगति के प्रतीक आटो एक्सपो के नौवें संस्करण में विभिन्न वर्गों में 30 नए वाहनों को उतारा जाएगा।
यह भारत में अब तक का सबसे बड़ा ऑटो एक्सपो है। 2006 के ऑटो एक्सपो के मुकाबले इसमें कई चीजों में दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मसलन, 2006 के मेले में 1100 कंपनियों ने हिस्सा लिया था और इस बार इनकी संख्या करीब 2200 है। इसी तरह 2006 में मेला 65 हजार वर्ग मीटर में लगा था। इस बार इसकी जगह करीब 1 लाख 20 हजार वर्ग मीटर है। मेले में 25 से 30 नई कारें लॉन्च की जाएंगी। यह मेला एशिया के सबसे बड़े ऑटो मेले शंघाई ऑटो शो को भी कई मामलों में टक्कर दे रहा है। इस बार 27 देशों के कारोबारी प्रतिनिधि और 28 देशों की कंपनियाँ यहां शिरकत कर रही हैं। इसमें जर्मनी और चीन की भागीदारी खास मानी जा रही है।
मेले में ही टाटा मोटर्स की बहुचर्चित लखटकिया कार को भी पेश किया जा रहा है। मारुति की नई उतारी जानी वाली सुजुकी-ए-स्टार भी इसका खास आकर्षण होगी। मेले के आयोजकों में ऑटोमोटिव कम्पोनेंट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (एक्मा) और भारतीय ऑटोमोबाइल निर्माता संघ (सियाम) शामिल हैं। ऑटोमोटिव मिशन प्लान 2016 के तहत देश का ऑटोमोबाइल उद्योग वर्तमान 45 अरब डॉलर से बढ़कर 145 अरब डॉलर पर पहुँच जाएगा और देश की अर्थव्यवस्था में इसका योगदान मौजूदा पाँच प्रतिशत की तुलना में बढ़कर दोगुना करने का लक्ष्य है।
एक अनुमान के तहत वर्ष 2016 तक इस उद्योग में ढाई करोड़ रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। वर्तमान में उद्योग का 18 अरब डॉलर का निवेश इस दौरान दोगुने से अधिक करीब 40 अरब डॉलर तक पहुँच जाने की उम्मीद है। इस वर्ष मेले के बड़े भागीदार देशों में कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मलेशिया, स्पेन, ताइवान, ब्रिटेन और अमेरिका हैं। कुल 29 देश मेले में भाग ले रहे हैं। मेले के दौरान 1000 करोड़ रुपए का कारोबार होने की उम्मीद है। पिछले मेले 538 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ था। इस वर्ष दर्शकों की संख्या 10 लाख से बढ़कर 15 लाख तक पहुँच सकती है। इस एक्सपो की शुरुआत मारुति सुजुकी कंपनी के स्टॉल से होगी। इस दिन मारुति की सुजुकी-ए-स्टॉर नामक कार का विश्व प्रीमियर होगा। इस एक्सपो के जरिये सुजुकी ए स्टॉर को पहली बार देश-दुनिया के सामने ला रहा है। इसके साथ ही मारुति सुजुकी की कंपनी की स्प्लैश जिसकी कीमत 3.5 से 5 लाख के बीच होगी, का भी अनावरण किया जाएगा। स्विफ्ट का सैडन मॉडल भी इस एक्सपो में डिस्प्ले किया जाएगा।
इस बार के एक्सपो में लक्जरी कार कंपनी बीएमडब्ल्यू पहली बार अपने मॉडल को एक्सपो के जरिये दुनिया के सामने ला रही है। एक्सपो में कंपनी की बीएमडब्ल्यू एम-थ्री की पूरी रेंज प्रदर्शित की जाएगी। ऑडी कार कंपनी का नया कार मॉ़डल ऑडी ए-4 एक्सपो में दिखाई देगा। इसके साथ ही रेसिंग कार के दीवानों को ऑडी आर-10 नामक नई रेसिंग कार के दीदार भी इस एक्सपो में हो सकेंगे। शेवरलेट कंपनी की शेवरलेट कैपटिवा भी इसी एक्सपो में लांच की जाएगी। पंद्रह से सत्रह लाख रुपए के बीच की यह कार डीजल और पेट्रोल दोनों ही मॉडलों में उपलब्ध होगी।
टाटा मोटर्स की सफलता से प्रेरित होकर कई घरेलू और विदेशी कंपनियां ऑटो एक्सपो-2008 में छोटी कारों के बारे में घोषणा कर सकती है। जाहिर है कि काफी दिनों से चर्चा में रही लखटकिया कार मेले का सबसे बड़ा आकर्षण होगी लेकिन इसके साथ ही कल - पुर्जे के सप्लायर भी अपना जलवा दिखाएंगे।
ऑटो एक्सपो के इंडियन प्रीमियर में 9 जनवरी को फियेट ऑटो ग्रान्डे पुंटो और लिनिया के जरिए छोटी कार बनाने में अपने कौशल का रंग जमाने का कोशिश करेगी। कंपनी दोनों कारों का निर्माण भारत में ही 2008 के अंत से शुरू करेगी।एक्सपो में कई कंपनियाँ अपनी कारों के ऐसे मॉडल लेकर आ रही हैं, जिन्हें वे भविष्य में बाजार में उतारने की योजना पर काम कर रही है। फिएट कंपनी भी भविष्य में लांच की जाने वाली कारों की एक लंबी श्रृंखला लेकर इस एक्सपो में कदम रख रही है। इसी तरह हुंडई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मित्शुबशी जैसी कई नामी कार कंपनियाँ अपनी कारों के नए और इंप्रूव मॉडलों को इस एक्सपो में प्रदर्शित किया जाएगा।
ऐसा नहीं कि इस ऑटो एक्सपो में केवल चार पहिया ही दिखाई देंगी, दोपहिया गाड़ियों को भी खास जगह दी गई है। होंडा कंपनी अपनी प्रसिद्ध दोपहिया गाड़ी होंडा एक्टिवा का इंप्रूव वर्जन होंडा लीड लेकर एक्सपो में आ रहे हैं।
बजाज, सुजुकी और हीरो होंडा जैसी कंपनियों के भी एक्सपो को लेकर लंबे-चौड़े प्लॉन हैं। ये सभी कंपनियाँ अपने लोकप्रिय मॉडलों के आधुनिकतम संस्करण एक्सपो में प्रदर्शित कर रही है। लोकप्रिय बाइक कंपनी यामाहा की कई नेक्स्ट जेन शानदार बाइक भी इस एक्सपो में दिखाई देगी।
कई आकर्षण हैं इस मेले में
मेले में इस बार 7 तरह के नए और अनूठे पविलियन लग रहे हैं। इनमें सबसे खास पविलियन रोबो पविलियन होगा। ऑटो इंडस्ट्री में रोबो नाम की मशीनों का इस्तेमाल होता है। गाड़ियों के छोटे-छोटे पुर्जे आपस में जोड़ने, वेल्डिंग, कारों में शीशे लगाने, नट-बोल्ट कसने जैसे बारीक और संजीदा कामों में रोबो मशीनों की मदद ली जाती है। ऐसी मशीनों में हाथ बने होते हैं और ये दिखने में रोबॉट जैसे लगते हैं। इसी वजह से इन्हें रोबो कहा जाता है। रोबो पविलियन में ऐसी ही मशीनों की नुमाइश की जाएगी। ऑल्टरनेटिव फ्यूल (वैकल्पिक ईंधन) पर भी एक खास पविलियन होगा। इस पविलियन में ऐसे ईंधन पेश किए जाएंगे, जो जिनका इस्तेमाल दुनिया भर में डीजल और पेट्रोल के विकल्प के तौर पर होता है। इसी तरह डीजल पविलियन, कलपुर्जे से जुड़ा पविलियन और डिजाइन से संबंधित खास पविलियन होंगे।
कॉन्सेप्ट कारों का जलवा
मेले में कुछ कंपनियाँ कॉन्सेप्ट कारें पेश करने जा रही हैं। इनमें टाटा की लखटकिया कार के अलावा टाटा की एक और कॉन्सेप्ट कार होगी। जनरल मोटर्स (जीएम), मारुति सुजूकी की कॉन्सेप्ट कारें भी पेश की जाएंगी। बजाज ऑटो भी अपनी एक नई कमर्शल वीइकल पेश करेगी। इनके अलावा टीवीएस पहली दफा अपनी विवादित बाइक फ्लेम पेश करेगी। मेले में पहली बार इलेक्ट्रिक वाहन भी देखने को मिलेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी
कई अंतर्राष्ट्रीय ऑटो संगठन इस मेले में भागीदारी कर रहे हैं। इसमें पहली बार ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंटरनैशनल कार असेंबलर्स (ओआईसीए/ओएका) की भागीदारी इसमें होने जा रही है। इस संगठन का मुख्यालय पैरिस में है और यह दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित ऑटो संगठन है। ओएका ने 9वें दिल्ली ऑटो एक्सपो को अपनी मान्यता भी दी है। इस मान्यता से अंतर्राष्ट्रीय ऑटो शो में दिल्ली ऑटो एक्सपो की पहचान मजबूत होगी। ओएका के अलावा जापान का ऑटो संगठन जामा, कोरिया का कामा, एसोसिएशन ऑफ यूरोपियन कार असेंबलर्स समेत कई और ऑटो संगठनों की मौजूदगी मेले का खास आकर्षण होगी।