राज्यसभा में मचे हंगामे के बीच चौदह साल से अटका महिला आरक्षण बिल मंगलवार को ध्वनिमत से पास कर दिया है। बिल का विरोध कर रहे सांसदों ने इसे शर्मनाक बताया है तो समर्थकों ने इसे देश की महिलाओं की जीत बताई है। तीन बजे जब राज्यसभा की कार्रवाई शुरू हुई तो बिल पर बहस के लिए सभापति हामिद अंसारी ने भाजपा के नेता भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को अपनी बात रखने का मौका दिया गया है। लेकिन विरोधी सांसदों के हंगामे के कारण वह कुछ बोल नहीं पाए। जिसके बाद बिल को बिना बहस के ही पास कर दिया है। केंद्र सरकार को समर्थन कर रही तृणमूल कांग्रेस ने यू टर्न लेते हुए महिला आरक्षण बिल के लिए होने वाली वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। पार्टी की मुखिया ममता बनर्जी का कहना है कि उन्हें वोटिंग करने के लिए कहा ही नहीं गया। राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर कल जबरदस्त हगामें, नारेबाजी और शोरशराबे के बीच हुडदंग और तोड़फोड़ करने वाले सात सांसदों को शेष सत्नावधि के लिए निलम्बित कर दिया गया है। सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे फिर से शुरु होते ही आठ- नौ सांसद सभापति हामिद अंसारी के आसन के पास आ गऐ और नारेबाजी करने लगे। निलंबित किए गए सांसद हैं, सपा के कमाल अख्तर, नंद किशोर यादव, वीर पाल सिंह यादव और आमिर आलम खान, जनता दलयू से निष्कासित एजाज अली, राजद के सुभाष यादव और लोजपा केसाबिर अली। इसी शोरगुल के बीच सभापित ने सपा के चार तथा जदयू, राजद और लोजपा के एक- एक सांसद को शेष सत्नावधि के लिए निलम्बित करने का प्रस्ताव पेश किया जो ध्वनिमत से पारित हो गया।