हनुमानगढ, ९ जुलाई । गृह विभाग ने दी राजस्थान सिक्यूरिटी एजेन्सीज (विनिमय) नियम, २००६ के अन्तर्गत बिना लाईसेंस एजेंसी के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं । राज्य सरकार के ध्यान में आया है कि कई जिलों में अभी भी बिना लाईसेंस के कई प्राईवेट एजेंसियां या संस्थाएं कार्य कर रही है । जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलेक्टर श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने बताया कि बिना लाईसेंस प्राप्त किए व्यवसाय करने वाली एजेंसियों के विरूद्ध अधिनियम के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी । इस अधिनियम के तहत दण्डात्मक ऐसी एजेंसियों के विरूद्ध एक वर्ष के कारावास या २५ हजार रूपये के जुर्माने अथवा दोनों से दण्डित किए जाने का प्रावधान है । उल्लेखनीय है कि प्राईवेट सिक्यूरिटी एजेंसी (रेग्यूलेशन ) एक्ट २००५, १५ मार्च २००६ से लागू हो गया है तथा इसके लागू होने के एक वर्ष की अवधि (१४ मार्च ‘२००७) के बाद भी बिना लाईसेंस प्राप्त किए व्यवसाय किया जाना दण्डनीय है । ऐसी सुरक्षा एजेन्सियां जो बिना लाईसेंस के जिले में कार्य संचालित कर रही है, उन्हें उक्त नियमों के प्रावधानुसार कन्ट्रोलिंग अथोरिटी जो कि शासन सचिव गृह विभाग है, से लाईसेन्स प्राप्त करना अनिवार्य हो गया है । प्राईवेट सिक्यूरिटी एजेन्सीज को उन्हें स्वीकृत लाईसेन्स अपने व्यावसायकि स्थल पर विशिष्ट स्थान पर प्रदर्शित किया जाना भी आवश्यक है । ऐसी एजेंसियां जिनके द्वारा सुरक्षा गार्ड की सेवा देने का व्यवसाय भी किया जा रहा ह और जिन्होंने १४ मार्च २००७ तक भी पंजीयन नहीं कराया है या जिन्होंने १४ मार्च तक लाईसेंस के लिए गृह विभाग में आवेदन नहीं किया है और वे सुरक्षा गार्ड सेवा देने का व्यवसाय अब तक कर रही है तो उनके विरूद्ध उक्त अधिनियम में दण्डात्मक कार्यवाही होगी। भले ही ऐसी एजेंसिये ने कहीं और से अन्य कानूनी प्रावधानों के अनुसार अन्य विभाग से पंजीयन कराया हो । बिना वैध अनुज्ञापत्र के ऐसी किसी संस्था या एजेन्सी से सुरक्षा गार्ड किसी कार्यालय में नहीं रखे जा सकेंगें। जिला मजिस्ट्रेट ने इस सम्बन्ध में जिला पुलिस अधीक्षक से ऐसी एजेंसियों की सूचना प्राप्त करने तथा उपखण्ड अधिकारियों व पूर्व सैनिक कल्याण समितियों से भी जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं ।