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बीकानेरवासी हुए नाखुश
9 Aug 2009

केन्द्रीय विश्वविद्यालय न मिलना छात्रों व अभिभावकों के साथ न्याय नहीं


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बीकानेर। पहले बीकानेर में  केन्द्रीय विश्वविद्यालय खुलने की स्वीकृति के बाद भी केवल पशु महाविद्यालय मिलना बीकानेर के नागरिकों को रास नहीं आया जबकि कई लोग इसे बीकानेर के साथ सौतेला व्यवहार बता रहे हैं। जबकि विजयशंकर व्यास कमेटी ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलने व जयपुर में सिर्फ वाटर इंस्टीटयूट खोलने की सिफारिश की थी । इस संबंध में खबर एक्सप्रेस डॉट कॉम ने अलग अलग लोगों से बातचीत की तो सभी ने इसे अनुचित बताया जिनमें सेवानिवृत अध्यापिका दमयंती आत्रेय ने कहा कि यह बीकानेर का दुर्भाग्य ही कहा जाए तो अनुचित नहीं होगा। सेवानिवृत अध्यापक बंशीलाल गहलोत ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय के अभाव से छात्र राहत महसूस नहीं कर सकते।  गृहिणी नीरू गोस्वामी ने बीकानेर में केन्द्रीय विश्वविद्यालय न देना राजनीति से प्रेरित बताया। किशोरी देवी गर्ल्स स्कूल की अध्यापिका श्रीमती सरिता ने कहा कि बीकानर को केन्द्रीय विश्वविद्यालय न मिलना परोसी हुई थाली के वापस चले जाने की स्थिति के समान है। गृहिणी दीप्ति आत्रेय ने कहा कि बीकानेर हर मामले में पिछड रहा है जबकि सभी सुविधाओं के बावजूद भी उसे मुकाम नहीं मिलता। बिन्नाणी कॉलेज में संस्कृत की व्याख्याता सुश्री सत्यम गोस्वामी ने कहा कि बीकानेर के साथ यह निर्णय करके छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड बताया। आदर्श बालिका विद्यालय गंगाशहर की श्रीमती अर्चना गौतम ने कहा कि सरकार बीकानेर के साथ हमेशा न्यायोचित निर्णय नहीं करती। अध्यापिका श्रीमती अनिता ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय न देकर पशु महाविद्यालय देना बीकानेर की जनता से धोखा  करने के सिवाय और कुछ नहीं। महिला मण्डल स्कूल की अध्यापक अभिषेक ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर की आशाओं पर खरा नहीं उतरा।  रामपुरिया महाविद्यालय के राकेश गौतम ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय न देकर पशु महाविद्यालय देना उंट के मुंह में जीरे के समान है। पंडित रसिकेन्द्र ने इसे बीकानेर के नेताओं का इस मामले में सक्रिय न होना बताया। एडवोकेट राजेन्द्र कुमार ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर की बजाए जयपुर की झोली में देना भरे हुए टैंक से पानी का ओवरफ्लो होना है। कर्मचारी एस.वैंकटेश ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय जयपुर की झोली में जाने का मतलब भूखे से रोटी छीनने के समान है। छात्र राजेश शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर में ही होना चाहिए क्योंकि बीकानेर में होने से छात्रों को अध्ययन के लिए बाहर नहीं जाना पडेगा। कांग्रेस प्रवक्ता बिटठल बिस्सा ने कहा कि अभी तक इसकी अधिकृत सूचना नहीं है इस संदर्भ में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. बी.डी.कल्ला ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से विचार विमर्श करेंगे। कांग्रेस पार्टी हमेशा शिक्षा की ओर ध्यान देती नजर आई है और देती रहेगी। कांग्रेस युवा प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष संजय आचार्य ने कहा कि अगर केन्द्रीय विश्वविद्यालय नहीं मिला तो हमारा शिष्ट मंडल उच्चाधिकारियों से मुलाकात करेगा।  मुन्ना भादानी ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर में होने से प्रतिभाएं सामने नजर आएंगी इससे बीकानेर संभाग के छात्रों को राहत मिलेगी।




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हुए
नाखुश


Comments to this News

अफ़सोस! हमारी मरुभूमि राजस्थान का सबसे पिछड़ा संभाग रह गया है.. पता नहीं अशोक गहलोत को बीकानेर से हमदर्दी क्यूँ नहीं? वेटेरनरी विश्वविद्यालय का शगूफा फेंक कर राज्य सरकार कोई बहुत बड़ा काम नहीं कर रही है. वेटेरनरी कॉलेज को ही विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जा रहा है और ये कॉलेज भी "विजय भवन" में ही प्रारंभ हुआ जो रियासतकालीन है. इसके अलावा मुझे बीकानेर में इतने सालों में एक भी ऐसा स्तरीय इंस्टिट्यूट बताइए जिसमे २०००-१०,००० करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश हुआ हो और जिस से यहाँ लोगों को रोजगार मिला हो जैसा की जोधपुर में IIT, AIIMS , National Law UNI., ayurved uni. इत्यादि के लिए हुआ है... अगर मैं कल्ला जी की जगह या देवी सिंह भाटी जी की जगह होता तो जन आन्दोलन करता पर फिर अफ़सोस! में एक आम आदमी हूँ जिसकी इस देश में कोई इज्ज़त नहीं ! अब तो मुझे अपने बीकानेरी होने का उतना गर्व भी नहीं जितना पहले था! काश कोई नरेन्द्र मोदी जी जैसा नेता मेरे शहर में या राज्य में होता जो private sector ki help se इस मरुस्थल में भी रोजगार के अवसर बढ़ता और infrastructure and developement करवा सकता., vinay (10/08/2009 12:06:23)


आनंद जी' आप के प्रोफाइल से मिली जानकारी से काफी अफ़सोस हो रहा हे .लेकिन इसके लिए बीकानेर की जत्नता भी काफी दोषी हे क्योकि विधानसभा में और लोकसभा में जो प्रतिनिधि भेजे हे यह उसी का नतीजा हे, narayan das vyas (10/08/2009 18:02:20)



 
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